चंबल नदी के तेज बहाव से जूझ रहे घड़ियालों के शिशु जिंदगी के लिए झटपटा रहे हैं। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से घड़ियालों के शिशुओं के बहने का खतरा पैदा हो गया है। खादरों में आने वाले घड़ियाल शिशुओं को नदी के किनारे तक पहुंचाने के लिए वन विभाग कॉम्बिंग कर रहा है। बाह के रेंजर आरके सिंह राठौड़ ने बताया कि अभी नदी का बहाव ज्यादा तेज नहीं है। उफान से पहले घड़ियाल शिशुओं को नदी की लहरों को चीरने में अभ्यस्त होने का करीब 10 दिन का वक्त मिला था। इसलिए ज्यादा खतरा नहीं है। नदी की बीच धार में फंसे कुछ शिशुओं को नुकसान हो सकता है। तेज बहाव की स्थिति में शिशुओं के बहने को लेकर चिंता जरूर है। लगातार नजर रखी जा रही है।