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बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं: मनोना उपकेंद्र को बना दिया 'भैंसों का तबेला', पांच हजार लोग इलाज के लिए भटकने को मजबूर

Fri, 28 May 2021 11:11 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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आगरा: स्वास्थ्य उपकेंद्र के अंदर बंधी भैंस - फोटो : अमर उजाला
पूरा देश इस समय कोरोना महामारी से जूझ रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं की इस समय सभी को जरूरत है। अस्पतालों में मरीजों के लिए पलंग की व्यवस्था कहीं-कहीं कम पड़ जाती है। वहीं कोरोना वैक्सीन के लिए बनाए गए केंद्र भी काफी दूर पड़ रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही भी सामने आ रही हैं। भवन बनाने के बाद विभाग उन्हें भूल गया और गांवों के लोगों को चिकित्सकीय सुविधा के लिए दूर दराज भटकना पड़ता है। आगरा में पिनाहट क्षेत्र से मनोना गांव की तस्वीर कुछ अलग ही बयां कर रही है। यहां विभाग द्वारा बनाए गए स्वास्थ्य उपकेंद्र में लोग जानवरों को बांध रहे हैं। मनोना और आसपास के मजरों के करीब 5000 लोगों पर इसका असर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से पड़ता है।  पढ़िए पूरी रिपोर्ट...
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मनोना स्वास्थ्य उपकेंद्र पर बंधी भैंस - फोटो : अमर उजाला
गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बदहाल है। इस ओर से अफसर लापरवाह है। मनोना का स्वास्थ्य उपकेंद्र में छह साल में भी चिकित्सा सुविधाएं शुरू नहीं हो पाई हैं। वर्ष 2015 में बने उपकेंद्र में ग्रामीणों के पशु बांधे जा रहे हैं। मनोना और आसपास के मजरों के करीब 5000 लोगों को यहां से उपचार मिलता। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिनाहट के प्रभारी डॉ. विजय कुमार का कहना है कि उन्होंने खंड विकास अधिकारी से इस संबंध में बात की है। 15 दिन के भीतर सभी उपकेंद्रों की सफाई और रंगाई-पुताई कराई जाएगी। यहां चिकित्सक की तैनाती भी की जाएगी।
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स्वास्थ्य उपकेंद्र के कमरे में भरा भूसा - फोटो : अमर उजाला
यह है हाल
मनोना गांव के प्रबल प्रताप, अरुण कुमार, सुभाष चौहान, हरेंद्र कुमार ने बताया कि वर्ष 2015 में निर्माण के बाद स्वास्थ्य उपकेंद्र में कोई चिकित्सक या स्वास्थ्यकर्मी नहीं आया। ऐसे में भवन खंडहर हो चुका है। खाली पड़े केंद्र के कमरों में अब ग्रामीणों ने पशुओं को बांधना शुरू कर दिया है। यहां किसी कमरे में भूसा भरा है तो कहीं पर उपले रखे गए हैं। 

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मनोना स्वास्थ्य केंद्र - फोटो : अमर उजाला
इन गांवों को मिलता इलाज
मनोना स्वास्थ्य उपकेंद्र से मनोना, सियपुरा, शाहपुर खालसा, सेरव, नया बास, मल्ल का पुरा आदि गांव जुड़े हुए हैं। इन गांवों में करीब 5000 लोगों की आबादी है। स्वास्थ्य उपकेंद्र पर सुविधा नहीं होने से अभी उन्हें सामान्य बीमारियों के उपचार के लिए सीएचसी पिनाहट जाना पड़ता है। सीएचसी पिनाहट की दूरी इन गांवों से 12 किलोमीटर तक पड़ती है।
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बदहाल मनोना का स्वास्थ्य केंद्र - फोटो : अमर उजाला
ग्रामीणों का दर्द
इलाज कराने जाते हैं 12 किलोमीटर दूर

मनोना गांव में बना स्वास्थ्य उपकेंद्र बंद पड़े होने के कारण गांव के बीमारों को इलाज में परेशानी झेलनी पड़ती है। किसी को सर्दी-जुकाम होने पर भी 12 किलोमीटर दूर सीएचसी पिनाहट लेकर जाना पड़ता है। -कालू शर्मा, सियापुरा

अफसरों की अनदेखी भुगत रहे हैं ग्रामीण

गांव में छह साल पहले बना अस्पताल स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की अनदेखी से एक भी दिन चल नहीं सका है। पूरी बिल्डिंग जर्जर हो चुकी है। कई बार शिकायत की गई। इसके बाद भी अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिखा। -गिर्राज, मल्ल का पुरा


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