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जनकपुरी महोत्सव: मिथिला पहुंची राम बरात...चहुंओर छाया उल्लास, दर्शन के लिए उमड़ा हुजूम; देखें तस्वीरें

Thu, 18 Sep 2025 10:37 PM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

रंग-बिरंग रोशनी से जमगम मिथिला नगरी और जनक महल के मंच पर विराजमान रघुवर और सिया के स्वरूप। जनकपुरी महोत्सव में दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा। भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस और आयोजन समिति के पदाधिकारियों के पसीने छूट गए।
 
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जनकपुरी महोत्सव। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सजेधजे रथ पर सवार होकर प्रभु श्रीराम जनकपुरी के लिए प्रस्थान किए। घरों की छत से भक्तों ने प्रभु पर फूल बरसाए। भक्ति ऐसी कि सभी के मुख पर सियापति रामचंद्र की जय, जय सियाराम के जयकारे लगाने लगे। मंच पर पहुंच प्रभु श्रीराम ने मिथिलावासियों को दर्शन दिए। 

महाराजा अग्रसेन सेवा सदन, कमला नगर से शाम को प्रभु श्रीराम रात को जनकपुरी मंच पर पहुंचे। उनके दर्शन करने के लिए सड़कों और घरों की छतों पर भक्त इंतजार कर रहे थे। जयकारों के साथ उन पर फूल बरसाए। प्रभु के दर्शनों की लोगों में अभिलाषा ऐसी कि जनकपुरी मंच तक पहुंचने में घंटों का समय लग गया। जगह-जगह उनकी आरती उतारने के लिए भक्त व्याकुल थे। मंच पर पहुंचते ही मिथिलावासियों के ललाट पर चमक बिखर गई। उत्साह से भक्त जयकारे लगाने लगे। यहां पर प्रभु ने सभी को दर्शन दिए। इससे पहले सुबह सवेरे मिथिला नगरी पहुंची राम बरात की अगवानी के लिए आयोजन समिति के पदाधिकारी पलक पावड़े बिछाए नजर आए। बृहस्पतिवार को मिथिला नगरी प्रभु राम के रंग में रंगी नजर आई। 

 
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जनकपुरी महोत्सव। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सुबह करीब 10.30 बजे चांदी के रथ पर विराजमान भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के स्वरूप के साथ राजा दशरथ बने अजय अग्रवाल, उनके परिजन और अलग-अलग रथों पर सवार शेषावतार लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और मयूर रथ पर सवार मर्यादा पुरुषोत्तम राम की सवारी बालाजी नगर से नगर भ्रमण को निकली तो रास्ते में आरती, पुष्प वर्षा के साथ उनका भव्य स्वागत किया गया। महाराजा अग्रसेन सेवा सदन में सभी स्वरूपों के साथ दशरथ परिवार मंच पर विराजे तो राजा जनक परिवार ने उनका भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान क्षेत्रवासियों ने स्वरूपों के साथ जमकर फोटो और सेल्फी ली।

 
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जनक महल। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गुड़िया सी सजी तुलसी माता और राजकुंवर से भगवान सालिगराम। मंडप पर कन्यादान के लिए बैठे राजा जनक और रानी सुनैना साथ में परिजन। विवाह के मंगलगीत और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ बृहस्पतिवार को कमला नगर स्थित महाराजा अग्रसेन सेवा सदन में तुलसी सालिगराम विवाह का विवाह वैदिक रीति से संपन्न कराया गया।

 

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जनकपुरी महोत्सव। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
श्री जनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति की ओर से बृहस्पतिवार को महाराजा अग्रसेन सेवा सदन कमला नगर में तुलसी सालिगराम विवाह संस्कार के माध्यम से प्रभु राम और जगत जननी मां जानकी का विवाह संपन्न हुआ। एक ओर श्री राम जय राम जय जय राम नाम का सुमधुर भजन माहौल में भक्तिरस घोल रहा था तो वहीं मंगलम भगवान के मंत्रोच्चार में 5 सहयोगी ब्राह्मणों के साथ पं. वेद प्रकाश प्रचेता ने सप्तपदी संपन्न करवाया। 

 
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जनकपुरी महोत्सव। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
राजा जनक बने राजेश अग्रवाल, रानी सुनयना अंजू अग्रवाल ने तुलसी माता के कन्या के रूप में पैर पूजे। इस दौरान कन्यादान लेने के लिए महिलाओं की होड़ लगी रही। सुहाग का सामान, कपड़े, फल, मेवा, पायल और बिछुओं आदि से कन्यादान लेने के लिए महिलाओं की भीड़ अपनी बारी का इंतजार करती नजर आई। मंडप के दौरान परिवार की महिलाएं आज तुलसा को प्यारी दुल्हन बनाओ सखियों, सज के चली तुलसा प्यारी और तुलसा तेरी मेहंदी में नाम सालिगराम का है जैसे मंगलगीत गाती रहीं। फेरों के साथ ही विवाह की रस्म संपन्न हुई।
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