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Banke Bihari Temple: रात में हुआ हादसा, सुबह फिर मंदिर में उमड़ी भीड़, दर्शन करने पहुंचे हजारों भक्त

Sat, 20 Aug 2022 07:08 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
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शनिवार की सुबह बांकेबिहारी मंदिर से निकलते भक्त - फोटो : अमर उजाला
वृंदावन के ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में शुक्रवार रात 1:55 बजे हुए हादसे के बाद भी मंदिर में भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही है। शनिवार की सुबह 7:45 बजे पर दर्शन खुलने से पूर्व ही मंदिर के अंदर और बाहर हजारों भक्त अपने आराध्य के दर्शन करने पहुंचे। हादसे के बाद मंदिर में उमड़ी भीड़ के दबाव को देखकर मंदिर प्रबंधन और पुलिस के हाथ-पैर फूल गए। मंदिर के प्रबंधक मुनीष शर्मा ने निजी सिक्योरिटी गार्ड, कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों से भीड़ को एक स्थान पर जमा न होने देने के लिए कहा, लेकिन भीड़ का दबाव लगातार बढ़ता गया। 

पुलिसकर्मी और मंदिर के कर्मचारी लगातार मंदिर में पहुंचे श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रण करने में लगे रहे। वहीं सुबह एक बार फिर से प्रशासन की बदइंतजामी नजर आई। प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए बांकेबिहारी मंदिर के गेट नंबर 4 और 5 की तरफ जाने वाली गली में बल्लियां बांधी गईं। इससे श्रद्धालुओं को दिक्कत का सामना करना पड़ा।

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शुक्रवार रात को हुआ था हादसा - फोटो : अमर उजाला
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में शुक्रवार देर रात मंगला आरती के समय भीड़ के दबाव के कारण दम घुटने से दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी, जबकि सात घायल श्रद्धालु घायल हो गए थे। हादसे के चंद घंटों बाद ही मंदिर में फिर से श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। 
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एडीजी और आईजी ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा - फोटो : अमर उजाला
हादसे के बाद शनिवार की सुबह एडीजी राजीव कृष्ण, आईजी निचिकेता झा और कमिश्नर अमित कुमार ने बांकेबिहारी मंदिर में सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। साथ ही रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम में जाकर घायलों का हाल जाना। एडीजी राजीव कृष्ण ने बताया कि इस हादसे के कारणों की जानकारी की जा रही है।

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बांकेबिहारी मंदिर के बाहर भक्तों की भीड़ - फोटो : अमर उजाला
बांकेबिहारी मंदिर में पहले भी होते रहे हैं हादसे
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में हुआ हादसा कोई नया मामला नहीं है। इससे पहले भी हादसे होते रहे हैं, लेकिन उन हादसों से कोई सबक नहीं लिया गया। मंदिर में जन्माष्टमी के अवसर पर उमड़ी भीड़ के कारण हुए हादसे के बाद सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। मंदिर के सेवायत आचार्य प्रह्लाद वल्लभ गोस्वामी ने बताया कि वर्ष 1980 में बांकेबिहारी मंदिर में स्थानीय निवासी शिवचरण बूरे वालों की मृत्यु हुई थी। 
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जन्माष्टमी पर बांकेबिहारी मंदिर में उमड़ी भक्तों की भीड़ - फोटो : अमर उजाला

पूर्व में हुए हादसे 

  • 27 अप्रैल 2009 में अक्षय तीज पर्व के अवसर पर मंदिर में दम घुटने से कानपुर निवासी 85 वर्षीय रमा माहेश्वरी की मौत हो गई थी, जबकि रोहिणी निवासी सरला अग्रवाल और रोहतक निवासी ब्रह्मानंद घायल हुए थे।
  • 21 जुलाई 2012 हरियाली तीज से एक दिन पूर्व मंदिर में भीड़ के रेले में दिल्ली के शकरपुर निवासी 67 वर्षीय देशराज की दम घुटने से मौत हो गई।  
  • 19 अगस्त 2012 बांके बिहारी मंदिर में लगी स्टील की रैलिंग के टूटने से कई श्रद्धालुओं सहित बच्चे घायल हो गए थे। 
  • 9 सितंबर 2012 यहां रेलिंग में फंसने से हाथरस निवासी उर्मिला गुप्ता और चंदौसी निवासी बीना शर्मा घायल हुए थे।
  • 1 जनवरी 2017 भीड़ में दबकर दिल्ली निवासी महेश अरोड़ा और अमृतसर निवासी दलजीत घायल हो गए थे। 
  • 12 फरवरी 2022 गाजियाबाद निवासी 65 वर्षीय लक्ष्मण सिंह की मंदिर के 4 नम्बर गेट के बाहर मौत हो गई थी
  • 12 मार्च 2022  मुंबई से वृंदावन दर्शन करने आईं 60 वर्षीय महिला मधु अग्रवाल की हुई थी मौत। 
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