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UP: खाैफनाक माैत...महिला को चंबल नदी में खींच ले गया मगरमच्छ, तीन घंटे तक जबड़े में जकड़े रहा; कांप गए ग्रामीण

Sun, 15 Jun 2025 04:45 AM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

महिला नदी किनारे मवेशियों को पानी पिला रही थी। तभी मगरमच्छ ने हमला बोल दिया। उसे नदी के गहरे पानी में खींच ले गया। तीन घंटे तक महिला को जबड़े में जकड़े रखा। इससे महिला की दर्दनाक माैत हो गई।
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मृतक क फाइल फोटो। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आगरा के बाह के खेड़ा राठौर के भगवानपुरा गांव के पास चंबल नदी में शनिवार की सुबह करीब 8 बजे मवेशियों को पानी पिला रहीं सिरोमनी (55) को मगरमच्छ खींच ले गया। उनके साथ मौजूद मूला देवी ने सिरोमनी को हाथ पकड़ कर नदी से बाहर खींचने का प्रयास किया, लेकिन कामयाब नहीं हो सकी। ग्रामीणों की मदद से चले करीब 3 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद महिला का शव मिला।
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घटना की जानकारी देती महिला। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मूला देवी ने बताया कि मवेशी नदी में पानी पी रहे थे। सिरोमनी पत्नी रामप्रकाश मवेशियों के साथ में खड़ी थीं। इसी बीच मगरमच्छ ने जबड़े में उनका पैर जकड़ लिया। उन्होंने बांह पकड़ कर सिरोमनी को बाहर खींचने का प्रयास किया था, लेकिन कामयाब नहीं हो सकीं। नदी की बीच धार में मगरमच्छ सिरोमनी को ले गया। चीख-पुकार पर परिवार और गांव के लोग डंडे, जाल लेकर नदी में उतरे और शव निकाला। 

 
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नदी में महिला को तलाश करते ग्रामीण। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मृतका के सिर, कान, पेट, गर्दन, पैर आदि पर मगरमच्छ के हमले के घाव थे। बाह से नायब तहसीलदार दयाचंद पौरुष, खेड़ा राठौर पुलिस और वन विभाग की टीम भी पहुंच गई थी। परिजन को नियमानुसार आर्थिक सहायता दिलाए जाने का आश्वासन प्रशासन की ओर से दिया गया है।

 

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नदी के किनारे ग्रामीणों की भीड़। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मगरमच्छ के जबड़े में दिख रही थीं सिरोमनी
नदी किनारे बैठे ग्रामीण डर और दहशत भरा मंजर 3 घंटे तक देखते रहे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सिरोमनी को मगरमच्छ डीप पूल में खींच ले गया था। गहरे पानी में जाकर बार-बार उछाल मार रहा था। मगरमच्छ की उछाल के साथ उसके जबड़े में जकड़ी सिरोमनी दिख रही थी। नदी में अपनी सुरक्षा के लिए डंडे लेकर उतरे ग्रामीण जाल डाल रहे थे। डीप पूल में मगरमच्छ के बार-बार उछाल मारते हुए दिखने पर ग्रामीणों ने चारों ओर से डीप पूल को घेरा। ग्रामीण डूबने से बचने के लिए हवा भरे ट्यूब को साथ में लिए हुए थे। उसके बाद जाल डाला। चौतरफा घिरने के बाद मगरमच्छ नदी के पानी की लहरों के साथ तैरता दिखा तो ऑपरेशन में शामिल लोग डरे लेकिन हिम्मत नहीं हारी और मगरमच्छ को महिला का शव छोड़कर भागने को मजबूर होना पड़ा।

 
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जाल डालते ग्रामीण। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अब तक जा चुकी है 3 की जान
- 25 अप्रैल को भरेह के हरपुरा गांव के रामवीर सिंह की मगरमच्छ के हमले में जान चली गई थी।
-28 मार्च को महुआ के गांव विंडवा के करण की मगरमच्छ के हमले में जान चली गई थी।
-13 मई को कैंजराघाट पर नहाते समय गौसिंली के करन मगरमच्छ के हमले में घायल हुए थे।
- 4 जून को कैंजराघाट पर नहाते समय बासौनी के बिचोला गांव के राघवेंद्र सिंह घायल हुए थे।
- 14 जून को भगवानपुरा की सिरोमनी की मगरमच्छ के हमले में जान गई है।

 
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चंबल नदी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नदी किनारे नहीं जाएं
बाह के रेंजर उदय प्रताप सिंह ने बताया कि नेस्टिंग के बाद से ही अलर्ट जारी कर ग्रामीणों एवं चरवाहों को नदी किनारे न जाने के लिए चेताया गया था। हमलों के बाद भी चरवाहे और ग्रामीण सबक नहीं ले रहे। नेस्टिंग से लेकर हैचिंग तक मगरमच्छ अपने नेस्ट और अंडों के नुकसान के अंदेशे में हमला कर देते हैं। उन्होंने एक बार फिर नदी किनारे जाने से बचने का आह्वान ग्रामीणों से किया है।

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