फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संगीता हत्याकांड: एससी-एसटी एक्ट के मामले में आरोपों की पुष्टि नहीं, पुलिस ने लगाई फाइनल रिपोर्ट

Sun, 25 Oct 2020 09:07 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
विज्ञापन
1 of 5
मृतका संगीता का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
आगरा के ताजगंज क्षेत्र में पूर्व सैनिक अनिल कुमार राजावत और उनकी पत्नी संगीता के खिलाफ दर्ज कराए गए एससी-एसटी एक्ट के मुकदमे में पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी। भरत खरे पक्ष की ओर से लगाए गए आरोप की पुष्टि नहीं हो सकी। इस मामले में संगीता की जिंदा जलने से मौत हो गई थी। उनकी हत्या के आरोप में भरत खरे सहित चार आरोपी जेल भेजे गए हैं। कालोनी के लोगों के बयान और साक्ष्य के आधार पर एससी-एसटी एक्ट के मुकदमे में एफआर लगाई गई। यह केस बच्चों में हुए झगड़े के बाद दर्ज कराया गया था। 
विज्ञापन

2 of 5
पूर्व सैनिक अनिल कुमार और उनकी पत्नी संगीता का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
पुष्पांजलि ईको सिटी कॉलोनी निवासी पूर्व सैनिक अनिल कुमार राजावत और कालोनी के भरत खरे के बच्चों में छह अक्तूबर को विवाद हुआ था। भरत खरे के बेटे को पत्थर लग गया था। भरत खरे ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी शिकायत करने अनिल के घर गई। मगर, अनिल की पत्नी संगीता ने अभद्रता और गाली-गलौज की। इस दौरान जाति सूचक शब्द बोले। मामले में सात अक्तूबर को एससी एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। इस मामले में समझौते के लिए 11 अक्तूबर को कालोनी में पंचायत हुई थी। इसके बाद संगीता जिंदा जल गई थी। तब भरत, उसकी पत्नी सुनीता सहित चार नामजद और 12 अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया।
विज्ञापन

3 of 5
घटनास्थल पर पड़ी संगीता की चप्पलें (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
पुलिस पर आरोप लगे थे कि बिना जांच के पूर्व सैनिक के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। इस पर मुकदमा खत्म करने की मांग की गई। इसकी जांच क्षेत्राधिकारी (सीओ) सदर महेश कुमार ने की। उन्होंने बताया कि ईको सिटी कालोनी आठ साल पहले ही बनी है। इसमें ज्यादातर लोग बाहर से आकर बसे हैं। 

4 of 5
संगीता हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
कालोनी के लोगों ने अपने बयान में कहा कि भरत खरे की लोगों को जाति के बारे में जानकारी नहीं थी। वह सोसायटी का अध्यक्ष भी रहा है। ऐसे में जाति सूचक शब्द बोलने का कोई सवाल ही नहीं था। बच्चों में मारपीट हुई थी। इसमें नामजद बड़ों को कर दिया गया था। इसी आधार पर मुकदमा गलत पाया गया। इसमें फाइनल रिपोर्ट लगा दी है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
आरोपी दंपती - फोटो : अमर उजाला
पंचायत में शामिल लोगों की नहीं हो सकी पहचान 
11 अक्तूबर को कालोनी में पंचायत हुई थी। पंचायत में भरत खरे पक्ष के लोगों ने अनिल और संगीता को अपमानित किया था। इसके बाद संगीता जिंदा जल गईं। इसमें जिंदा जलाने का आरोप लगाया गया। भरत खरे, उसकी पत्नी सुनीता और दो अन्य को नामजद किया गया, जबकि 12 अज्ञात आरोपी थे। ये पंचायत में आए थे। पुलिस अब तक इन लोगों की पहचान नहीं कर सकी है। अनिल का कहना था कि पंचायत में आए लोगों ने ही ज्यादा अपमानित किया था।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें