आगरा में सदर क्षेत्र के राजपुर चुंगी में दस्तावेज लेखक हरेश पचौरी हत्याकांड के आरोपी शूटर सचिन कंजा ने पुलिस रिमांड पर कई राज उगले हैं। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त पिस्टल बरामद की है। उसने यह भी बताया कि हत्या से डेढ़ महीने पहले ही प्लानिंग शुरू हो गई थी। इसके लिए भानु प्रताप मुद्गल उर्फ बीपी के जिम पर बैठा करते थे।
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हरेश पचौरी हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
सीओ सदर राजीव कुमार ने बताया कि शूटर सचिन कंजा को बुधवार सुबह दस बजे रिमांड पर लिया गया था। यह रिमांड गुरुवार शाम चार बजे खत्म हो गई। आरोपी से कई घंटे पूछताछ की गई। गांव नौबरी में एक प्लाट में सचिन ने पिस्टल को जमीन में दबा दिया था। उसकी निशानदेही पर पिस्टल बरामद कर ली गई है।
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हरेश पचौरी हत्याकांड के आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
शूटर सचिन कंजा ने बताया कि वह बीपी के राजपुर चुंगी स्थित जिम पर अक्सर आया करता था। यहां पर उसका भाई भी जिम करने आता था। भाई के साथ आने के दौरान सचिन की बीपी से दोस्ती हो गई थी। बीपी उसके सभी खर्च उठा रहा था। मुकदमों की पैरवी के लिए भी पैसा देता था।
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हरेश पचौरी हत्याकांड के आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
दस्तावेज लेखक की हत्या से डेढ़ महीने पहले से प्लानिंग करना शुरू कर दिया था। बीपी ने वादा किया था दस लाख रुपये की सुपारी के साथ ही एक 200 वर्गगज का प्लाट भी दिया जाएगा। इस पर सचिन हत्या के लिए तैयार हो गया था।
मृतक के भतीजे राहुल पचौरी ने बताया कि हत्याकांड में मुख्य आरोपी बीपी के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं। इनमें जानलेवा हमले के भी हैं। हत्याकांड में पुलिस भी उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश का दावा कर रही थी। मगर, उसने समर्पण कर दिया था, इससे पुलिस पर सवाल उठ रहे हैं। क्योंकि पूर्व के मुकदमों में भी फाइनल रिपोर्ट पुलिस लगा चुकी है। कभी सख्त कार्रवाई नहीं हुई। इन जमीनों का विवाद
- हरेश पचौरी ने बैंक कॉलोनी, शहीद नगर की जमीन के लिए 1.65 करोड़ रुपये दिए थे। रकम लेने के बाद विष्णु और भानु ने बैनामा नहीं किया था।
- गायत्री रिट्रीट में जमीन का सौदा हुआ था। विष्णु प्रकाश रावत ने साझीदारों के साथ समझौता किया था। हरेश पचौरी बीच में आ गए। वह समझौता कायम नहीं होने दे रहे थे।