आगरा के शाहगंज की रामस्वरूप कॉलोनी में सर्राफ गोपाल वर्मा और उसकी पत्नी प्रिया के शव मंगलवार को घर के कमरे में फांसी पर लटके मिले। पुलिस का कहना है कि दोनों ने आत्महत्या की है। इसी साल 18 जनवरी को ही उनकी शादी हुई थी। इसका कारण अभी पता नहीं चल सका है। प्रिया के परिजनों के आने का इंतजार किया जा रहा है। इसके बाद ही कार्रवाई की जाएगी।
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गोपाल प्रिया के फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
शाहगंज की रामस्वरूप कॉलोनी निवासी ओम प्रकाश वर्मा की किराने की दुकान है। उनका बड़ा बेटा गोपाल (22) अलबतिया में पूजा ज्वैलर्स के नाम से दुकान चलाता था। उसकी शादी 18 जनवरी को फिरोजाबाद के शिकोहाबाद निवासी प्रिया (21) पुत्री योगेंद्र के साथ हुई थी। दोनों घर के प्रथम तल पर दो कमरों में रहते थे। भूतल पर गोपाल के माता-पिता, बहन मोनिका, शालू और भाई हरिओम रहते हैं। एक बहन पूजा की शादी हो चुकी है। वह जयपुर में रहती है।
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घटनास्थल पर पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
गोपाल की बहन मोनिका ने बताया कि भाई और भाभी मंगलवार सुबह जागे थे। सुबह 9:30 बजे गोपाल घर के बरामदे में खड़ी बाइक बाहर निकालने आया। इसके बाद अपने कमरे में चले गए। कुछ देर बाद वह भाई और भाभी को ढोकला देने गई। दोनों ने ढोकला ले लिया। इसके बाद वह नीचे आ गई। आधे घंटे बाद फिर कमरे में गई। मगर, कमरे का गेट बंद था। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने पर भी नहीं खुला। इस पर खिड़की से झांक कर देखा। कमरे में पंखे के कुंडे से फांसी पर गोपाल और प्रिया लटके हुए थे। यह देख उसकी चीख निकल गई। भूतल पर रहने वाले परिजन और पड़ोसी आ गए।
पड़ोसियों ने दरवाजे की कुंडी तोड़कर अंदर प्रवेश किया। गोपाल की मौत हो चुकी थी, प्रिया की सांसें चल रही थी। इस पर उसे अस्पताल ले गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। सूचना पर थाना शाहगंज पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने गोपाल के पिता ओम प्रकाश और मां गुड़िया को हिरासत में ले लिया
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गोपाल (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। प्रिया के मायके वालों को सूचना दे दी गई है। थाना शाहगंज के प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। प्रथम दृष्ट्या आत्महत्या का मामला है। इसका कारण अभी पता नहीं चला है।
गोपाल ने बीएससी प्रथम वर्ष किया था। इसके बाद उसकी शादी प्रिया से हो गई। बुधवार को प्रिया का जन्मदिन था। वे जन्मदिन को धूमधाम से मनाने की बात कर रही थी। मगर, लॉकडाउन की वजह से उसने जन्मदिन मनाने का प्रोग्राम बदल दिया था। घर में ही खाना बनाने की बात कही थी। परिजन इसकी तैयारी कर रहे थे। होली पर अपने घर गई थी। इसके बाद बासोड़ा पूजन पर वापस आई थी। तीन दिन पहले ही पिता भी मिल कर गए थे।