फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोनावायरसः डरें नहीं लड़ें... पर कैसे, सरकारी स्कूलों में हाथ थोने का साबुन भी नहीं है साहब!

Sat, 07 Mar 2020 12:05 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
विज्ञापन
1 of 6
परिषदीय प्राथमिक विद्यालय - फोटो : अमर उजाला
कोरोना वायरस के संक्रमित मरीज सामने आने के बाद भी परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सतर्कता नहीं बरती जा रही है। कंपोजिट ग्रांट के तहत हैंडवाश, साबुन, तौलिया आदि के लिए बजट दिए जाने के बाद भी स्कूलों में इंतजाम नहीं किए गए हैं। विद्यार्थियों के हाथ धोने के लिए साबुन तक नहीं है।
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 6
प्राथमिक विद्यालय सोंठ की मंडी - फोटो : अमर उजाला
सोठ की मंडी: हाथ धोने को दूर से लाना होता है पानी
अमर उजाला की टीम बृहस्पतिवार को दोपहर 2:21 बजे प्राथमिक विद्यालय सोंठ की मंडी पहुंची। छह बच्चे पढ़ रहे थे। दो शिक्षामित्र मौजूद थीं। एक कक्ष में विद्यालय चलता है। इसमें मिड-डे मील का सामान भी रखा है। कक्ष के बाहर बाल्टी में करीब आधा लीटर पानी रखा था, वह भी साफ नहीं था। कक्षा में साबुनदानी रखी थी, लेकिन साबुन या हैंडवाश उपलब्ध नहीं था। शिक्षामित्र नूतन ने बताया कि हैंडवाश रखा था, बच्चों ने तोड़ डाला, दूसरा लाना है। विद्यालय में हैंडपंप नहीं है, बच्चों के हाथ धुलवाने के लिए दूर से पानी लाना पड़ता है। प्राथमिक विद्यालय, सराय बेगा की प्रधानाध्यापक गुंजन शर्मा के पास सोंठ की मंडी स्थित विद्यालय का प्रभार है।
विज्ञापन

3 of 6
पानी की टंकी के पास गंदगी - फोटो : अमर उजाला
मालवीय कुंज: बगैर साबुन हाथ धो रहा था छात्र
उच्च प्राथमिक विद्यालय मालवीय कुंज में दोपहर 2:32 बजे एक विद्यार्थी प्रांगण में लगी पानी की टंकी से हाथ धो रहा था, वह भी बिना साबुन के। बरामदे व कक्ष में बैठकर विद्यार्थी पढ़ रहे थे। दो शिक्षामित्र बबिता व शबाना मौजूद थीं। इनसे पूछा गया कि विद्यार्थी हाथ कैसे धोते हैं तो इन्होंने बताया कि हैंडवाश रखा हुआ है। खोजने पर यह एक विद्यार्थी के पास मिला। शिक्षामित्र ने बताया कि हैंडवाश बृहस्पतिवार को ही मंगाया गया। मिड-डे मील खाने से पहले विद्यार्थियों के हाथ धुलवाए गए थे। पानी की टंकी विद्यालय भवन से दूर शौचालय के पास है, इसलिए स्कूल में ही इसे रखा जाता है। पानी की टंकी के पास गंदगी थी। बच्चों के पास डस्टबिन रखा था, उस पर ढक्कन नहीं था।

4 of 6
साबुन भी नहीं - फोटो : अमर उजाला
कोरोनावायरस के छह लोगों के पॉजीटिव आने के बाद आगरा में मिशनरी स्कूलों में कई प्रकार की सावधानियां बरती जा रही हैं। लेकिन, सरकारी स्कूलों में हाथ थोने के लिए साबुन भी नहीं है। ऐसे में जिला विद्यालय निरीक्षक राजीव कुमार यादव कहते हैं कि बेसिक स्कूलों के प्रधानाध्यापकों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि ऐसे सभी क्रियाकलापों को करने से बचा जाए, जिससे बड़ी संख्या में छात्र एक जगह पर एकत्रित हो रहे हों। 
विज्ञापन

5 of 6
कोरोनावायरस - फोटो : pixabay
किसी भी कारोना वायरस से प्रभावित देश के या पिछले 28 दिनों में इन देशों में यात्रा करने वाले व्यक्ति के संपर्क में रहने वाले छात्रों व स्टाफ को चिह्नित करें। ऐसे छात्रों के अभिभावकों से अपने पाल्यों व सभी पारिवारिक सदस्यों को 14 दिनों तक घर में ही रहने और उनके स्वास्थ्य की निगरानी करने के लिए कहना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
परिषदीय स्कूलों के छात्र - फोटो : अमर उजाला
ये भी निर्देश दिए
- शिक्षक अपनी कक्षा में अध्ययनरत उन छात्रों पर विशेष ध्यान दें, जिनको बुखार, खांसी, जुकाम की समस्या हो। कोशिश करें कि ऐसे छात्रों के संपर्क में बाकी छात्र न आएं। अभिभावकों से संपर्क कर उनका चिकित्सकों से परीक्षण कराने के लिए कहें।

- शिक्षक छात्रों को स्वच्छता के लिए प्रेरित करें और अभिभावकों को भी जागरूक करने के लिए कहें।
- मिड-डे मील वितरण से पहले बच्चे को साबुन से हाथ धोने और एल्कोहल युक्त हैंड सेनेटाइजर का इस्तेमाल कराना है। यह प्रक्रिया रसोइयों से भी सुनिश्चित करानी है।

- विद्यालय की प्रत्येक कक्षा में पैरों से खुलने वाले डस्टबिन उपलब्ध कराए जाने हैं। 
- अभिभावकों को प्रेरित करना है कि वह बच्चों को मास्क लगाकर विद्यालय भेजें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें