अगर आप फुटपाथ पर बिक रहे मास्क खरीद रहे हैं तो जरा ठहरिए। यह आपको संक्रमण से तो बचाएगा नहीं, उल्टा बीमार कर सकता है। यह कहना है शहर के प्रमुख चिकित्सकों का। कारण है कि ये मास्क न तो सेनेटाइज हैं, न ही मानकों के अनुसार बनाए जा रहे हैं, न ही ये पैकिंग में रखे जा रहे हैं। इन्हें कैरी बैग, जूते के जालीदार कपड़े, स्कूल बैग में इस्तेमाल होने वाले कपड़ों से भी बनाया जा सकता है। आप समझ सकते हैं कि इनसे आपकी सेहत पर क्या असर पड़ेगा।
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फुटपाथ पर बिक रहे मास्क
- फोटो : Amar Ujala
शहर एमजी रोड, भगवान टॉकीज, बिजलीघर, किला, ताजमहल के आसपास ये मास्क बेचे जा रहे हैं। एक के 20 से 40 रुपये वसूले जा रहे हैं। बेचने वालों को खुद नहीं मालूम है कि ये किस कारखाने में बने हैं। इनके पास ये ठेकेदार के माध्यम से आ रहे हैं। मेडिकल स्टोरों पर मास्क मिल नहीं रहे हैं। इस कारण फुटपाथ पर बेचने वालों की बिक्री हो रही है।
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मास्क
- फोटो : Amar Ujala
न रेट लिखा है और न ही साइज
इनकी गुणवत्ता के क्या मानक हैं, कहां बनाए जा रहे हैं, मास्क निर्माण में पोर साइज क्या है, इसका कोई भी विवरण नहीं है। मास्क वायरस से कैसे बचाएगा? इसकी भी जानकारी नहीं है। कपड़ा काटकर उस पर साइड में तनी लगा दी गई है।
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फुटपाथ पर बिक रहे मास्क
- फोटो : अमर उजाला
इन मास्क से बीमारी का खतरा: डॉ. अंकुर गोयल
वरिष्ठ माइक्रो बायलॉजिस्ट डॉ. अंकुर गोयल ने बताया कि सर्जिकल कंपनियां लैब में स्ट्रेलाइज तरीके से मास्क बनाती हैं। बिना मानक के बिकने वाले मास्क अगर संक्रमित स्थान और इसे बनाने वाले भी संक्रमित हैं तो इनके वायरस-बैक्टीरिया मास्क के जरिये उपयोग करने वाले तक पहुंच जाएंगे। इससे उसके बीमार होने का खतरा है।
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ताजमहल परिसर में मास्क पहने लोग
- फोटो : PTI
वायरस से बचाने के लिए मास्क में तय होते हैं पोर साइज: डॉ. आरती अग्रवाल
एसएन मेडिकल कॉलेज की माइक्रो बायलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. आरती अग्रवाल ने बताया कि मास्क में वायरस से बचाने के लिए पोर साइज (अति सूक्ष्म छिद्रों का आकार) तय होता है। इसका पालन न होने पर मास्क बेअसर है। वह वायरस से बचाव नहीं करेगा। बिना स्ट्रेलाइज तरीके से बने मास्क और ज्यादा खतरनाक हैं।
पैकिंग वाला मास्क ही खरीदें लोग: पुनीत कालरा
आगरा फार्मा एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी पुनीत कालरा का कहना है कि मास्क की हर किसी को जरूरत नहीं है, फिर भी इनकी खरीद कर रहे हैं तो पैकिंग वाला ही लें। कोरोना वायरस के खौफ के चलते घटिया किस्म के मास्क बाजार में बेचे जा रहे हैं।