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चीन से वतन वापसी के बाद भी परिवार से नहीं मिल सकेंगे दंपती!, आइसोलेशन वार्ड में रहेंगे 14 दिन

Thu, 20 Feb 2020 09:32 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एटा
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पत्नी नेहा के साथ आशीष यादव - फोटो : अमर उजाला
चीन में फैले कोरोना वायरस के बाद जलेसर निवासी दंपती वहां फंसे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री सहित भारत सरकार से सहायता मांगी गई थी। जहां उन्होंने मदद का अश्वासन मिला। इसके बाद जिले से सांसदों ने विदेश मंत्रालय से दंपती को लाने की बात कही। दंपती के बृहस्पतिवार को वतन वापसी की संभावना है। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए तैयारी की है। दंपती को अस्पताल में बने आइसोलेशन वार्ड में 14 दिन के लिए भर्ती किया जाएगा। 
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आशीष यादव - फोटो : अमर उजाला
जलेसर निवासी आशीष यादव बुहान की टेक्सटाइल यूनीवर्सिटी में एसोसिएट प्रोफेसर हैं। उनकी पत्नी वहां पीएचडी कर रही हैं। चीन में कोरोना वायरस फैलने के कारण दोनों लगभग एक माह से वहां फंसे हुए हैं। संक्रमण को लेकर सरकार द्वारा आवाजाही पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई। 
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भाजपा सांसद हरनाथ सिंह यादव - फोटो : सोशल मीडिया
दंपती ने बीते दिनों भारत सरकार सहित पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से सहायता की गुहार लगाई। जहां जिले के तीन सांसद हरनाथ सिंह यादव, राजवीर सिंह राजू भैया और एसपी सिंह बघेल ने विदेश मंत्रालय से उन्हें भारत लाने की पहल की।

 

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आशीष - फोटो : अमर उजाला
भारत सरकार द्वारा चीनी दूतावास से बात की गई। इसके बाद दंपती 20 फरवरी को भारत आ रहे हैं ऐसी जानकारी मिली। माना जा रहा है कि दंपती जलेसर स्थित अपने घर आएंगे। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है।
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आइसोलेशन वार्ड - फोटो : अमर उजाला
जिला मलेरिया अधिकारी लोकमान सिंह ने बताया कि पहले दंपती को 14 दिन तक एयरपोर्ट पर रखा जाएगा। अगर वहां नहीं रखा गया तो जलेसर आने पर विभाग द्वारा उन्हें जिला अस्पताल में बने आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया जाएगा। वहीं अगर उन्होंने विभाग की बात नहीं मानी तो उन्हें घर पर ही एक कमरे में रखा जाएगा। इस दौरान उन्हें भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने बताया उनके रक्त का नमूना लेकर जांच को भेजा जाएगा। वहीं डब्लयूएचओ की टीम द्वारा उनके ऊपर 14 दिन तक नजर रखी जाएगी।
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