कोरोनावायरस से घबराने की नहीं बल्कि सावधानी बरतने की जरूरत है। इससे काफी हद तक बीमारी से बच सकते हैं। खासतौर से हाथ मिलाने से बचें, लोगों को नमस्ते करके अभिवादन करें। यह संक्रमित मरीज के सीधे संपर्क में आने से फैलता है। खांसी-जुकाम होने पर तुरंत चिकित्सक को दिखाएं। जरूरी नहीं कि यह कोरोना वायरस के लक्षण हों। इससे घबराने की जरूरत नहीं है।
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कोरोना वायरस
- फोटो : अमर उजाला
आगरा के सरोजिनी नायूड मेडिकल कॉलेज (एसएन मेडिकल कॉलेज) के माइक्रो बायलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. आरती अग्रवाल ने बताया कि कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति के छींकते और खांसते वक्त निकलने वाली अति सूक्ष्म बूंदों के संपर्क में आने से लोग इसकी चपेट में आते हैं। ऐसे में हाथों को दो-तीन मिनट तक साबुन से अच्छी तरह धोएं। बिना हाथ धोए आंख-नाक और मुंह न छूएं। हाथ मिलाने के बजाए दूर से अभिवादन करें।
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कोरोनावायरस के लक्षण
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ये हैं लक्षण:
- बुखार आएगा और जुकाम-खांसी होगी।
- बुखार के सप्ताह भर के अंदर सांस लेने में तकलीफ होगी।
- सिर में तेज दर्द और मरीज की नाक बहना शुरू हो जाएगा।
ये बरतें सावधानी:
- अस्पताल, रेलवे स्टेशन समेत भीड़भाड़ वाले स्थान पर जाने से बचें।
- हाथों को बार-बार साबुन से धोएं और सेनिटाइजर का इस्तेमाल करें।
- खांसते और छींकते वक्त डिस्पोजेबल टिशू पेपर प्रयोग करें, दोबारा उपयोग न करें।
- हाथों को साबुन से धोए बिना आंख, नाक और मुंह को न छुएं।
- बुखार, जुकाम और खांसी के मरीजों से सीधे संपर्क में आने से बचें।
- एन-95 मास्क का उपयोग करें, यह 95 फीसदी कणों को फिल्टर करता है।
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एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा
- फोटो : अमर उजाला
कोरोनावायरस की आशंका पर जिलाधिकारी प्रभुनारायण सिंह ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी और एसएन प्राचार्य को 100 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिला अस्पताल और एसएन मेडिकल कॉलेज में अलग-अलग वार्ड और नमूने लेने के लिए चिकित्सकीय टीम बनाने को भी कहा है।
जिलाधिकारी ने लोगों से अपील की है कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है। भीड़भाड़ वाले स्थानों से बचें, कोरोनावायरस के लक्षण नजर आने पर जिला अस्पताल में जांच कराएं।