आगरा के फतेहाबाद क्षेत्र में लखनऊ एक्सप्रेसवे पर पकड़े गए कोख के सौदागर गिरोह की सरगना अस्मिता पांच महीने बाद भी फरार है। पुलिस की टीम नेपाल भी नहीं भेजी जा सकी है। मामले में चार्जशीट लग चुकी है।क्षेत्राधिकारी (सीओ) फतेहाबाद का कहना है कि उच्चाधिकारियों से अनुमति लेने के बाद टीम को नेपाल भेजा जाएगा।
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पुलिस गिरफ्त में अस्मिता के एजेंट और नेपाल की अस्मिता
- फोटो : अमर उजाला
थाना फतेहाबाद में 19 जून को लखनऊ एक्सप्रेसवे पर पुलिस ने दो गाड़ियों में सवार पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। इनके पास से तीन बच्चियां भी मिली थीं। इन बच्चियों को नेपाल ले जाया जा रहा था। आरोपियों से पूछताछ में बच्चों की खरीद फरोख्त का मामला सामने आया था। इस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके आरोपियों को जेल भेजा था।
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सरगना अस्मिता
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पूछताछ में आरोपी फरीदाबाद की नीलम ने नेपाल की अस्मिता का नाम बताया था। वह कोख के सौदागर गैंग को चला रही थी। इसके बाद दिल्ली का आनंद राहुल सारस्वत पकड़ा गया। उसने नोएडा के डॉ. विष्णुकांत का नाम बताया था। पुलिस ने डॉ. विष्णुकांत को बंगलूरू से गिरफ्तार किया था। कुल नौ आरोपियों को जेल भेजने के बाद पुलिस ने चार्जशीट लगा दी।
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सरगना अस्मिता
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस अस्मिता की तलाश में नेपाल जाने का दावा करती रही, लेकिन पांच महीने बाद भी अस्मिता के बारे में कोई जानकारी नहीं लग सकी है। पुलिस ने नेपाल पुलिस से भी संपर्क नहीं किया। यह भी पता नहीं चल सका है कि अस्मिता नेपाल में कहां रहती है? उसका अस्पताल किस नाम से है?
कोख के सौदागर: पुलिस की गिरफ्त में विष्णुकांत (बायें) नेपाल की अस्मिता (दायें)
- फोटो : अमर उजाला
अनुमति लेने के बाद टीम को भेजा जाएगा नेपाल
सीओ फतेहाबाद बीएस वीर कुमार ने बताया कि आरोपियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई की जा चुकी है। वारंट भी तामील करा दिए हैं। नेपाल की अस्मिता के बारे में पता लगाया जा रहा है। अभी टीम नहीं जा पाई है। उच्चाधिकारियों से अनुमति ली जाएगी। इसके बाद टीम को नेपाल भेजा जाएगा।