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आगरा बवालः मुस्लिम संगठनों के कई पदाधिकारी आरोपी, बलवाइयों की तलाश में ताबड़तोड़ दबिश

Tue, 02 Jul 2019 01:26 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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मंटोला में बवाल के दौरान पत्थर फेंकता एक युवक लाल घेरे में - फोटो : अमर उजाला
मंटोला बवाल में जो छह केस दर्ज किए गए हैं, उनमें तीन दुकानदारों ने दर्ज कराए हैं, तीन पुलिस ने अपनी ओर से लिखे हैं। केस दो थानों में लिखे गए हैं। पांच मंटोला में और एक नाई की मंडी थाना में। पुलिस ने मंटोला में दो और नाई की मंडी वाला केस अपनी ओर से दर्ज किया है। मुस्लिम संगठनों के 57 लोग नामजद हैं। ये सभी आयोजक और उनके सहयोगी बताए गए हैं। नामजद आरोपियों में भारतीय मुस्लिम विकास मंच के समी अगाई, मुस्लिम एक्शन कमेटी के इरफान सलीम, जमीयतुल कुरैश के हाजी जमीलुद्दीन कुरैशी, मुस्लिम महासभा के चौधरी फरहान, एमआईएम के इदरीश अली का नाम है।
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मंटोला में बलवाइयों को खदेड़ती आगरा पुलिस - फोटो : अमर उजाला
जिन लोगों ने सोमवार के प्रदर्शन के लिए सोशल मीडिया पर अपील की थी। उन्हें भी आरोपी बनाया गया है। इनमें जय भीम संस्था के चंचल उस्मानी, चौधरी फरहान का भी नाम है। साइबर सेल सोशल मीडिया से उन सभी लोगों के नाम और पते मालूम करने में लगी है जिन्होंने लोगों से जामा मस्जिद चलने का आह्वान किया था। दर्ज केस में बलवा, लूट, जानलेवा हमला, आईटी एक्ट, धमकी देना, क्रिमिनल लॉ एक्ट लगाए गए हैं। अज्ञात आरोपियों की पहचान जल्द ही हो सकती है। पुलिस के पास जो वीडियो फुटेज में, उनमें कई चेहरे साफ नजर आ रहे हैं।
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मंटोला में बवाल के दौरान पत्थर फेंकता एक युवक लाल घेरे में - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने जामा मस्जिद पर प्रदर्शन के आयोजकों के खिलाफ केस दो कारणों से दर्ज किया है। एक तो इन लोगों ने बगैर अनुमति के जुलूस निकलने दिया। दूसरा, जब हंगामा खड़ा हुआ तो ये लोग चुपचाप खिसक गए। प्रदर्शनकारियों से इन्होंने कहा था कि जामा मस्जिद से कलक्ट्रेट तक जुलूस निकाला जाएगा। जब इन्होंने जामा मस्जिद पर ही ज्ञापन दे दिया तो प्रदर्शनकारी युवक भड़क गए। उन्होंने कहा कि जब कलक्ट्रेट के लिए बोला था, तो चलते क्यों नहीं। इनके पास कोई जवाब नहीं था। जब मंटोला में बवाल हुआ तो आयोजकों में से एक भी हालात काबू कराने के लिए नहीं आया।

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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जोगेंद्र कुमार को घटना की जानकारी देता पीड़ित - फोटो : अमर उजाला
मंटोला में हुए बवाल के बाद दंगा नियंत्रण योजना लागू कर दी गई है। पुलिस ने शहर को 40 सेक्टरों में बांट दिया है। प्रत्येक सेक्टर में एक दरोगा, दस सिपाही लगाए गए हैं। इन्हें मिश्रित आबादी वाले इलाकों में चौराहों पर तैनात किया गया है। देहात के थानों की फोर्स भी शहर में लगा दी गई है। मंटोला, नाई की मंडी, हरीपर्वत, कोतवाली, लोहामंडी, सदर, एत्माद्दौला के संवेदनशील इलाकों में फोर्स लगाई गई है। सबसे ज्यादा चौकसी उन इलाकों में रखी जा रही है जहां पहले बवाल हो चुके हैं। इनमें वजीरपुरा, सैयदपाड़ा, गढ़ी चांदनी, तेलीपाड़ा, मीरा हुसैनी शामिल है। एसएसपी ने बताया कि  दंगा नियंत्रण स्कीम लागू करने के साथ ही पुलिस और प्रशासन की टीमों को तैनात कर दिया गया है।
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प्रदर्शन के लिए एकजुट हुए थे युवक - फोटो : अमर उजाला
मंटोला बवाल के दौरान मोबइल से की गई रिकार्डिंग के आठ फुटेज पुलिस को मिले हैं। इनमें पथराव करने वाले युवकों के चेहरे साफ नजर आ रहे हैं। पुलिस का कहना है कि इनकी पहचान का प्रयास किया जा रहा है। इन्हें न केवल जेल भेजा जाएगा बल्कि इनके खिलाफ  राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सबसे पहले इनकी सूची तैयार करेगी। बवाल में जो लोग प्रकाश में आ रहे हैं, उनकी गिरफ्तारी होगी लेकिन रासुका सिर्फ उन पर लगाई जाएगी, जो पत्थर चलाते नजर आ रहे हैं। एसएसपी जोगेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पथराव करने वालों पर रासुका लगेगा।
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मंटोला में बवाल के बाद पुलिस द्वारा पकड़ा गया युवक - फोटो : अमर उजाला
मंटोला बवाल के बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने उल्टी सीधी पोस्ट की। इनके बारे में पुलिस जानकारी जुटा रही है। एसएसपी ने बताया कि इसकी जिम्मेदारी साइबर सेल को दी गई है। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया जाएगा। अगर किसी ने भड़काऊ बातें पोस्ट या साझा कीं तो और संगीन धाराएं लगाई जाएंगी।
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