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होली के उल्लास में डूबा गोकुल, कान्हा संग गोपियों ने खेला छड़ीमार हुरंगा, रंगों से सरोबार हुए भक्त

Mon, 18 Mar 2019 03:57 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
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गोपाल के स्वरूपों संग छड़ीमार होली खेलतीं गोपियां - फोटो : अमर उजाला
कान्हा की नगरी मथुरा होली के रंगों में सराबोर है। चारों ओर सतरंगी छटा बिखर रही है। बरसाना, नंदगांव से होते हुए लठमार होली सोमवार को गोकुल में छड़ीमार होली में परिवर्तित हो गई। यहां सबसे पहले कान्हा के बाल स्वरूप को पालकी में बैठाकर शोभायात्रा निकाली गई। इसके बाद सजी-धजी गोपियों ने बाल गोपाल के साथ छड़ी मार होली खेली।
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नंदभवन से निकला ठाकुर जी का डोला - फोटो : अमर उजाला
गोकुल में देश और विदेश से आये श्रद्धालुओं की भीड़ थी। हर कोई गोकुल की गलियों में बरसने वाले रस रंग में सराबोर होने को पहुंचा। सुबह नंदभवन से ठाकुर जी का डोला निकला। गोकुल की गलियों में डोले पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। 
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गोकुल में उड़ता होली का रंग गुलाल - फोटो : अमर उजाला
दोपहर बाद ठाकुर जी मुरलीघाट पर पहुंचे। यहां सोलह श्रृंगार कर तैयार गोपियां हाथों में छड़ी लेकर कान्हा का इंतजारर कर रहीं थीं। कान्हा के सखा बाल ग्वाल भी अपनी पारंपरिक पोशाक पहनकर पहुंचे। ठाकुरजी के अनुमति लेने के साथ ही छड़ी मार होली का शुभारंभ हुआ। 

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ठाकुर जी की शोभायात्रा में शामिल महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
रसिया होली के गीतों के बोल बाबा नंद के द्वार मची है होली...गाकर वातावरण को भक्तिमय मना दिया। महिलाएं और युवतियां नृत्य करने पर मजबूर हो रहे थे। सेवायतों के द्वारा श्रद्धालुओं पर ठाकुरजी का प्रसादी रंग और गुलाल डाला। रंग के इस आनंद में देश और विदेश से आये श्रद्धालु सराबोर हो होली के गीतों पर झूम रहे थे। 
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गोकुल में खेली गई छड़ीमार होली - फोटो : अमर उजाला
भगवान श्रीकृष्ण का जन्म मथुरा में हुआ था, परंतु उनका बचपन गोकुल में गुजरा। यहां आज भी ब्रज से अलग प्राचीन होली खेली जाती है। इसी भक्ति भाव से सोमवार को गोकुल में छड़ी मार होली खेली गई। 
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होली के रंगों में सराबोर होकर नृत्य करते श्रद्धालु - फोटो : अमर उजाला
सुबह बाल गोपाल को फूलों से सजी पालकी में बैठाकर नंद भवन से मुरलीधर घाट ले जाया गया, जहां बाल गोपाल के साथ गोपियों ने छड़ी मार होली खेली। इस दौरान गोकुल की गलियां गुलाल और अबीर से रंगीन हो गईं और कान्हा के भक्त भी अपने गोपाल के साथ होली खेली। 
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गोकुल में खेली गई छड़ीमार होली - फोटो : अमर उजाला
बाल गोपाल की शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालु होली के गीतों पर नाचते-गाते हुए चल रहे थे। ठाकुरजी के डोले पर पुष्प बरसा हो रही थी। होली को देखने के लिए देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। हर कोई होली के रंगों में रंगे कान्हा के रूप को देख भाव विभोर हो गया।
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