आगरा के बाह और पिनाहट क्षेत्र में चंबल का जलस्तर घटने लगा है, लेकिन खतरे के निशान से अभी भी नदी ऊपर बह रही है। बाढ़ का पानी बाह तहसील के 20 गांवों की गलियों और घरों में भरा है। बिजली कटी होने से प्रभावित गांव अंधेरे और पानी में डूबे हैं।
बृहस्पतिवार को चंबल नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब आठ मीटर ऊपर 137.80 मीटर तक पहुंच गया था। 20 गांवों पानी में डूब गए। लोगों को जान बचाने के लाले पड़ गए थे। शुक्रवार से जल स्तर घटने लगा। शनिवार को यह 132 मीटर रह गया। लाल निशान 130 मीटर है। गुढ़ा, रानीपुरा, भटपुरा, मऊ की मढै़या आदि गांवों में एसडीआरएफ टीम 103 लोगों बचाने के बाद वापस लौट गई। जल पुलिस अभी भी डेरा डाले है।
बाढ़ से बाह के 20 गांवों मऊ की मढै़या, गोहरा, रानी पुरा, भटपुरा, गुढ़ा, झरना पुरा, डगोरा, कछियारा, रेहा, उमरैठापुरा, भगवान पुरा, पुरा डाल, पुरा शिवलाल, बीच का पुरा, क्योरी, कुंवर खेड़ा, धांधू पुरा, सिमराई, जेबरा, जगतू पुरा के घर, खेत, गलियां डूबने से तहसील मुख्यालय से संपर्क कटा हुआ है। शनिवार को छह गांवों गोहरा, रानी पुरा, भटपुरा, गुढ़ा, झरना पुरा, भगवान पुरा में स्टीमर से लोगों को निकाला गया।