चंबल में आई बाढ़ के बाद आगरा जिले के बाह, पिनाहट और जैतपुर में तबाही का मंजर है। आंखों से छलकते आंसू और बाढ़ में बहे अरमानों का दर्द लिए जिंदगी फिर खुद को समेटने की जद्दोजहद में लगी है। 38 गांव में 25 हजार से अधिक लोग प्रभावित हैं। 300 हेक्टेयर से अधिक फसल नष्ट हो गई। तीन दिन से 1500 से अधिक मकान पानी में डूबे हैं, जिनमें 500 से अधिक क्षतिग्रस्त हो गए हैं। सैकड़ों पशु बह गए, जबकि हजारों लापता हैं, जिनका सत्यापन में बाढ़ का पानी लौटने के बाद होगा। किसी की बिटिया की शादी के अरमान डूब गए हैं, तो कोई आशियाना बिखरने से बेघर हो गया। कोई दाने-दाने को मोहताज है, तो कोई बीमारी से परेशान। 20 गांव तबाह हो गए हैं। यह बाढ़ की विभीषिका का परिणाम है। जिसने 26 साल का रिकॉर्ड तोड़ा। शनिवार को अमर उजाला ने प्रभावित क्षेत्रों में पड़ताल की, तो तबाही का मंजर नजर आया।