प्रशासन और विकास प्राधिकरण ने ताजगंज के व्यापारियों को तीन महीने की मोहलत भले दे दी लेकिन रोजी-रोटी छिनने का खतरा टला नहीं है। सुप्रीम कोर्ट से ही उन्हें स्थायी राहत मिलेगी। 31 अक्तूबर को ताजगंज के व्यापारियों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। 26 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने ताजमहल के 500 मीटर के दायरे में व्यावसायिक गतिविधियां बंद करने के आदेश दिए थे।
ताजमहल पर प्रदूषण के प्रभावों और 500 मीटर के दायरे को संरक्षित रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट 20 साल से निगरानी कर रहा है। जहां एक तरफ 10,400 वर्ग किलो मीटर के दायरे में ताज ट्रिपिजियम जोन (टीटीजेड) बनाया है, वहीं 500 मीटर के दायरे में व्यावसायिक गतिविधियों को प्रतिबंधित किया है। 20 साल पहले ताजमहल पश्चिमी गेट पर दुकानें लगाने वाले व्यापारियों को सुप्रीम कोर्ट ने हटाया था। तब एडीए ने उनके लिए पश्चिमी गेट पार्किंग के पास मार्केट बनाई। जहां 71 दुकानदारों को आजीविका के साधन दिए। इस आधार पर पश्चिमी गेट एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में समानता के अधिकार के उल्लंघन की दुहाई दी। जिसके आधार पर 26 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ताजमहल की 500 मीटर की परिधि में व्यापारिक गतिविधियां को हटाने के आदेश विकास प्राधिकरण को दिए हैं।
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ताजगंज
- फोटो : अमर उजाला
इस आदेश से ताजगंज क्षेत्र में 3000 व्यापारिक प्रतिष्ठान प्रभावित हो सकते हैं, जिसे आधार बनाते हुए मानवीय दृष्टिकोण से जिला प्रशासन, विकास प्राधिकरण ने व्यापारियों को 17 जनवरी 2023 तक व्यावसायिक गतिविधियां बंद करने की मोहलत दी है। तीन महीने बाद यदि दुकानें नहीं हटीं तो पुलिस प्रशासन बलपूर्वक प्रतिष्ठान बंद कराएंगे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना के तहत कार्रवाई करेगा।
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ताजगंज
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ऐसे में ताजगंज के व्यापारियों से रोजी रोटी छिनने का खतरा खत्म नहीं हुआ। कुछ दिन के लिए टल जरूर गया है। इधर, ताजगंज वेलफेयर एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के विरुद्ध याचिका दायर की है। जिस पर 31 अक्तूबर को सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर सकता है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश से ही व्यापारियों को स्थायी राहत मिल सकती है।
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आईएएस नवनीत सिंह चहल।
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सुप्रीम कोर्ट का निर्णय प्रभावी होगा
जिलाधिकारी नवनीत चहल का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का जो भी निर्णय होगा वह प्रभावी होगी। व्यावसायिक गतिविधियां बंद करने के लिए 17 जनवरी तक की मोहलत दी गई है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट की अवमानना करने पर कार्रवाई होगी।
आगरा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष चर्चित गौड़ का कहना है कि मानवीय दृष्टिकोण एवं आजीविका की समस्या के मदद्देनजर तीन महीने का समय बढ़ाया है। सुप्रीम कोर्ट ने व्यावसायिक गतिविधियां बंद करने के आदेश दिए हैं। उनका अनुपालन कराया जाएगा।