मथुरा के बुलियन कारोबारी नीरज अग्रवाल के 10 वर्षीय पुत्र शौर्य की हालत नाजुक बनी हुई है। उसका इलाज दिल्ली के अपोलो अस्पताल में चल रहा है। शौर्य ही अपने पिता नीरज अग्रवाल, मां नेहा अग्रवाल और बहन धान्या की मौत का एकमात्र चश्मदीद है। परिजनों के साथ पुलिस प्रशासन भी शौर्य की हालत पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। वहीं हत्या के मामले में आरोपी भी मासूम के होश में आने का इंतजार कर रहे हैं।
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पत्नी-बेटी के साथ बुलियन कारोबारी (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
एक जनवरी की सुबह यमुना एक्सप्रेसवे के वृंदावन कट के निकट कार में बुलियन कारोबारी नीरज अग्रवाल, पत्नी नेहा अग्रवाल और 10 वर्षीय बेटी धान्या के शव मिले थे। बेटा शौर्य घायल था। चारों के सिर में गोली लगी हुई थी। घायल शौर्य को पहले मथुरा में भर्ती कराया गया, जहां से उसे दिल्ली के अपोलो अस्पताल में रेफर कर दिया गया।
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इसी कार में बुलियन कारोबारी ने पत्नी बच्चों को गोली मारी
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस इस मामले को आत्महत्या बताती रही, लेकिन नीरज के साले अमित अग्रवाल ने हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। मामले में महाविद्या कॉलोनी निवासी मनीष चतुर्वेदी व आशीष चतुर्वेदी, गुरुकृपा एंक्लेव कृष्णा नगर निवासी आशीष अरोड़ा, रतनकुंड निवासी नीरज कुमार नामजद किए गए। इसके बाद से ही हलचल बढ़ गई।
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शौर्य का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
घायल शौर्य घटना का एकमात्र चश्मदीद है, इसलिए सबकी निगाहें अब उस पर टिकी हैं। परिवार के लोग अपोलो अस्पताल में रहकर लगातार शौर्य की हालत पता कर रहे हैं। दिल्ली रहने के लिए परिवार के लोगों को ड्यूटी लगाई गई है। शुक्रवार को नीरज के साले अमित अग्रवाल ने वहां रहकर शौर्य का हाल जाना।
शुक्रवार की रात शौर्य को सांस लेने में हो रही दिक्कत के चलते डॉक्टरों ने परिजनों से गले का ऑपरेशन किए जाने की इजाजत मांगी। नीरज के ताऊ के बेटे कृष्णगोपाल ने बताया कि परिवार के लोग शौर्य का ऑपरेशन कराने के लिए राजी हो गए हैं। भगवान से सभी यही प्रार्थना कर रहे हैं कि शौर्य की जान बच जाए। परिजनों ने उसकी सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।