मथुरा के आरएस बुलियन कंपनी के मालिक नीरज अग्रवाल, उनकी पत्नी नेहा अग्रवाल और बेटी धान्या का अंतिम संस्कार बृहस्पतिवार को मोक्षधाम में किया गया। मां-बेटी का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर हुआ। मृतक नीरज के बड़े भाई पारस अग्रवाल ने दोनों चिताओं को मुखाग्नि दी। एक साथ कारोबारी और उसकी पत्नी और बेटी की चिता जली तो लोगों के आंसू छलक पड़े। वहीं लोगों ने नीरज के पिता को ढांढस बंधाया।
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इसी कार में मिले तीनों के शव
- फोटो : अमर उजाला
यमुना एक्सप्रेसवे पर मंगलवार की रात करीब 12:30 बजे नीरज, उनकी पत्नी नेहा, बेटी धान्या की गोली लगने से मौत हो गई थी। वहीं, बेटा शौर्य गंभीर रूप से घायल हो गया था। सभी कार में पड़े मिले थे। बुधवार की रात ढाई बजे पोस्टमार्टम होने के बाद तीनों के शव नीरज के बड़े भाई पारस अग्रवाल के कलाकुंज स्थित आवास पर लाए गए।
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मृतकों के परिचित
- फोटो : अमर उजाला
बृहस्पतिवार की सुबह तक अन्य शहरों से भी रिश्तेदार मथुरा पहुंच गए। तीनों की शव यात्रा कलाकुंज से मोक्षधाम पहुंची। दोपहर में तीनों का अंतिम संस्कार किया गया। मां-बेटी का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया। इस दौरान लोग नीरज के पिता दिनेश अग्रवाल को ढांढस बंधाते रहे।
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मां-बेटी का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
परिजनों के अनुसार नेहा अपनी बेटी धान्या को बहुत प्यार करती थी। उसे अपने पास ही रखती थी। वो मां की दुलारी थी। इसलिए एक ही चिता पर दोनों का अंतिम संस्कार किया गया।
नीरज अग्रवाल के बेटे शौर्य का इलाज दिल्ली के अपोलो अस्पताल में चल रहा है। गोली शौर्य के चेहरे के आरपार हो गई थी। बुधवार की रात शौर्य का आपरेशन हो गया था, लेकिन डॉक्टरों ने उसकी हालत नाजुक बताई। बृहस्पतिवार को परिवार के लोग शौर्य के सकुशल मथुरा पहुंचने के लिए दुआ करते रहे। नीरज के तहेरे भाई कृष्णगोपाल अग्रवाल ने बताया कि ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं कि शौर्य जल्द ठीक हो जाए।