फतेहपुर सीकरी में नए साल के पहले ही दिन हजरत शेख सलीम चिश्ती की मजार की प्राचीन पेंटिंग प्लास्टर समेत गिरकर क्षतिग्रस्त हो गई। जिससे मौके पर मौजूद जायरीनों में अफरातफरी मच गई। पांच माह से मजार की छत बीम बदले जाने के लिए खुली पड़ी है। ठेकेदार द्वारा भुगतान नहीं किए जाने के कारण मरम्मत कार्य बंद हो गया है। मजार की छत खुली होने से बारिश का पानी पेंटिंग में भर रहा था।
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बुलंद दरवाजा
- फोटो : अमर उजाला
बुलंद दरवाजा परिसर स्थित हजरत शेख सलीम चिश्ती की मजार में बनी मुगलकालीन पेंटिंग प्लास्टर समेत बुधवार की दोपहर भरभरागर गिर पड़ी। पेंटिंग गिरने से वहां मौजूद जायरीन घबरा गए। घटना की सूचना पर पहुंचे पुरातत्वविद् विभाग के अधिकारियों ने मलबे को हटवाकर सफाई कराई।
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Buland Darwaja
- फोटो : अमर उजाला
वर्ष 2019 के शुरू में हजरत शेख सलीम चिश्ती की मजार में चटके हुए मारबल की दो बीम बदले जाने और छत की मरम्मत के लिए 76 लाख रुपये का एस्टीमेट पुरातत्व विभाग ने बनाया था। उत्तरा देवी चेरिटेबल ट्रस्ट पूना द्वारा उक्त धनराशि दिए जाने की रजामंदी पर एक महीने तक काम चला। जिसके तहत मजार की छत को खोलकर एक बीम बदला गया।
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फतेहपुर सीकरी
दूसरा बीम बदलने के लिए छत खोल दी गई। भुगतान नहीं मिलने पर ठेकेदार द्वारा अगस्त माह में काम बंद कर दिया गया। जिसके चलते बारिश का पानी मजार की दीवारों में भरने लगा। इसके कारण ही मजार के अंदर दीवार के प्लास्टर पर बनी बेहतरीन मुगलकालीन पेंटिंग प्लास्टर के साथ बुधवार को भर भराकर गिर गई।
विश्वदाय स्मारक फतेहपुरसीकरी में बंद पड़ा संरक्षण का कार्य
- फोटो : अमर उजाला
मामले में संरक्षक सहायक कलंदर बिन्द ने बताया कि छत खुली होने के कारण पानी से आई नमी के कारण प्लास्टर पेंटिंग गिरी है। ट्रस्ट द्वारा भुगतान नहीं किए जाने के चलते काम बंद पड़ा है। कई बार पत्राचार किए जाने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। फिलहाल प्राचीन पेंटिंगों को सहेजने के लिए उनकी एजिंग कराई जाएगी।