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शहादत को सलाम: शहीद की पत्नी बोलीं- वीर थे विजयभान, कायरों ने पीछे से किया हमला

Sat, 19 Oct 2019 12:42 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
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शहीद विजयभान यादव की पत्नी सुनीता - फोटो : अमर उजाला
बांग्लादेश की सीमा पर शहीद हुए बीएसएफ हेड कांस्टेबल विजयभान यादव के गांव चमरौली में मातम पसरा हुआ है। जब से उनकी शहादत की खबर मिली है, तब से पत्नी सुनीता के आंसू नहीं थम रहे हैं। बूढ़ी मां भी रो-रोकर बेसुध हो रही है। जवान बेटों को पिता पर गर्व है तो उन्हें खोने का गम भी। वहीं हर ग्रामीणों की जुबान पर विजयभान की बहादुरी के चर्चे हैं। 
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शहीद विजयभान का परिवार - फोटो : अमर उजाला
शहीद की पत्नी सुनीता ने कहा कि वो (विजयभान) वीर थे। इस गांव और देश का एक वीर चला गया। कायरों ने पीछे से वार किया था, सामने से कोई भी उन्हें नहीं मार सकता था। पीछे से हमला करने वाले कायर होते हैं। यह कहते हुए उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। गांव की महिलाओं ने उन्हें ढांढस बंधाया। महिलाओं ने बताया कि जब से शहादत की खबर सुनी तब से सुनीता के आंसू नहीं थमे। खाना तो दूर पानी तक नहीं पिया। 
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शहीद विजयभान - फोटो : अमर उजाला
सुनीता ने बताया कि विजयभान दीपावली पर घर आने की कहकर गए थे। करवाचौथ से दिन से पहले (बुधवार) की शाम को फोन आया। दो मिनट बात दो बार में हुई। हंसते हुए कहा कि कल करवाचौथ है, मैंने कहा कि तुम्हें तो याद रहता है। व्रत रखूंगीं। सुनीता ने कहा कि मेरे सिर में दर्द होने की बात कही तो कहा, अपना ध्यान रखना। मुझे का क्या पता था कि नसीहत देकर हमेशा के लिए चले जाएंगे।
 

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शहीद विजयभान के बेटे - फोटो : अमर उजाला
शहीद विजयभान यादव के बड़े पुत्र विवेक यादव एयरफोर्स में तैनात हैं। विवेक ने बताया कि वो ड्यूटी के कारण बंगलुरू रहता है। उसकी पिता से मुलाकात अप्रैल 2019 में हुई थी। इसके बाद सिर्फ फोन से बात होती थी। छोटे बेटे सुमित ने बिलखते हुए कहा कि पापा हमेशा लड़ने एवं झगड़ने से ही रोकते थे। कहते थे किसी के साथ मन जाना। बस तैयारी ही करते रहो। बुधवार शाम फोन पर बात की थी और कहा था कि परीक्षा की तैयारी करो..। 
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शहीद विजयभान की मां और बड़े भाई - फोटो : अमर उजाला
बेटा विजयभान के शहीद होने की जानकारी के बाद 80 वर्षीय मां फूलवती सुध-बुध खो बैठी हैं। महिलाओं के बीच चश्मा लगाए घूंघट की ओट में बैठीं थी। पास में उनकी दो बेटी अर्चना देवी एवं रीना देवी बैठी थीं। विजयभान के बड़े भाई सत्यभान ने बताया कि उसे (विजयभान) फोटो खिंचवाने का शौक नहीं था। बड़े बेटे विवेक की शादी में आशीर्वाद देने के लिए बुलाया तो बड़ी मुश्किल से पहुंचे। पूरी शादी में एक दो फोटो खींचे गए थे। वह हमेशा सादगी भरा जीवन जीते थे।
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बीएसएफ के शहीद हेड कांस्टेबल विजयभान सिंह - फोटो : अमर उजाला
पश्चिम बंगाल में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर फ्लैग मीटिंग के बाद बांग्लादेश के बॉर्डर गार्ड ऑफ बांग्लादेश (बीजीबी) ने भारत के सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के गश्ती दल पर पीठ पीछे वार किया। इस उकसावे की कार्रवाई में फिरोजाबाद के चमरौली गांव निवासी बीएसएफ के हेड कांस्टेबल विजयभान सिंह शहीद हो गए थे। परिवार को करवा चौथ पर उनकी शहादत की खबर मिली।  
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