मेरी बेटी ने ऐसा क्या कर दिया, जो उसको परिवार सहित ही खत्म कर दिया। सुनील ने सब बर्बाद कर दिया। उसने ही सबको मारा है। हत्याकांड की जानकारी पहुंची रेखा की दादी गंगा देवी रोते हुए यही बात कह रही थी। उन्हें परिवार के लोेग और महिला पुलिसकर्मियों ने किसी तरह संभाला। रेखा के पिता विनोद कुमार विलासपुर में रहते हैं। वो चूड़ी बनाने का काम करते हैं। परिजनों ने बताया कि विनोद चार भाइयों में सबसे बड़े हैं। छोटे भाई प्रमोद, मोहन और प्रेम सीता नगर, एत्माद्दौला में रहते हैं। विनोद की पत्नी भगवान देवी थीं। रेखा उनकी बेटी थी। रेखा जब तीन साल की थी, तब भगवान देवी की मौत हो गई। इस पर रेखा को दादी गंगा देवी ने ही पाला था। विनोद काम के सिलसिले में चले गए। उन्होंने दूसरी शादी सावित्री देवी से कर ली। वह छत्तीसगढ़ में रहती है। उनके तीन बच्चे अमन, पूजा और सचिन हैं। बता दें कि कोतवाली के फुलट्टी स्थित मोहल्ला कूंचा साधू राम में महिला रेखा राठौर, उनके बेटों वंश उर्फ टुकटुक, पारस और बेटी माही की घर में निर्मम हत्या कर दी गई। चारों का कपड़े बांधकर गला दबाया गया, बाद में रेत भी दिया गया। पारस और माही को बेड पर तो रेखा और टुकटुक को फर्श पर मारा गया।
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दादी को संभालती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
दादी गंगा देवी ने कहा कि वह रेखा से बहुत प्यार करती थीं। क्योंकि वह घर की सबसे बड़ी बेटी थी। उसकी शादी भी काफी धूमधाम से की थी। 12 साल तक तो सब कुछ ठीक ठाक चला। इसके बाद सुनील का व्यवहार बदल गया। वह रेखा का उत्पीड़न करने लगा। खुद किसी युवती के चक्कर में फंस गया। बेटी के विरोध करने पर मारपीट करता था। दादी बार-बार एक ही बात कह रही थीं कि सुनील ने बेटी का परिवार खत्म कर दिया। वह तलाक के बाद भी बेटी का पीछा नहीं छोड़ रहा था। उसके मकान पर नजर बनाए था। अब कौन दादी कहकर पुकारेगा। घटना की जानकारी पर चाचा प्रेम, मौसा आए थे।
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आगरा में मां और तीन बच्चों की हत्या
- फोटो : अमर उजाला
तीन महीने पहले मौसा के बेटे की शादी में मिली थी
परिजनों ने बताया कि रेखा के मौसा सत्यप्रकाश के बेटे की शादी तीन महीने पहले थी। तब रेखा बच्चों के साथ वहां पर पहुंची थी। घरवालों से बात की थी। तब किसी तरह की कोई परेशानी भी नहीं थी। पुलिस की पूछताछ में पता चला कि रेखा से 15 दिन पहले नंदाई हरिओम और ननद मिथलेश मिलने आई थीं। उससे बात की। बच्चों से भी मिले थे। इसके बाद वापस चले गए थे। घटना का पता चलने पर सबसे पहले वही आए।
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रेखा का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
पार्लर पर काम करती थी रेखा
रेखा और उनके तीन बच्चों की हत्या की जानकारी पर बल्केश्वर निवासी हरिओम राठौर पहुंचे। उन्होंने पुलिस को बताया कि घर में तीन मोबाइल और लैपटॉप रखे हुए थे। हरिओम राठौर ने पुलिस को बताया कि उनका कबाड़ का कारोबार है। सुनील उनका साला है। रेखा का सुनील से तलाक दो साल पहले हो गया था। 15 दिन पहले उससे मिलने आए थे। तब रेखा ने बताया था कि वह फतेहाबाद रोड स्थित एक पार्लर में काम कर रही है। सुनील चार भाई हैं। इनमें रघुवीर सिंह, करुआ और रूप किशोर भी हैं। दो भाई बाहर रहते हैं। सबका अपना काम है।
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टुकटुक का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
बच्चे कर रहे थे ऑनलाइन पढ़ाई
रेखा के चाचा ने बताया कि माही एलकेजी में पढ़ रही थी, जबकि पारस कक्षा पांच में था। वहीं टुकटुक कक्षा नौ में आया था। रेखा बड़े बेटे को हॉस्टल में भेजना चाहती थी। वो वहीं पढ़ाई करता। मगर, पिछले साल कोरोना संक्रमण की वजह से वह जा नहीं सका। बच्चे आनलाइन पढ़ाई कर रहे थे। उनके पास तीन मोबाइल थे। इससे ही पढ़ाई करते थे।
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इसी घर में मिले चार शव
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस की छानबीन में यह भी पता चला है कि रेखा और सुनील का संयुक्त लॉकर भी था। इसमें जेवरात रखे हुए थे। दो महीने पहले रेखा ने अपने परिचित से संपर्क किया था। उसने लॉकर खुलवाया था। तब सुनील भी बैंक गया था। वह जेवरात लेकर आई या नहीं? इस बारे में परिजनों को भी पता नहीं है।
पुलिस ने खंगाले सीसीटीवी फुटेज
कूंचा साधूराम गली में रेखा के घर से दायीं तरफ आगे गली से बाहर निकलते ही फुलट्टी बाजार है। वहीं बायीं तरफ का रास्ता माईथान की तरफ जाता है। गली के बाहर एक कैमरा है, लेकिन उसमें फुटेज नहीं है। पुलिस ने फुलट्टी बाजार और माईथान की तरफ के 12 स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज चेक किए हैं।
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मृतका रेखा का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
शक में टूटा था पति-पत्नी का रिश्ता
सीओ कोतवाली अर्चना सिंह के मुताबिक, रेखा के मायका पक्ष ने कई जानकारी दी हैं। उन्होंने बताया कि रेखा और सुनील के रिश्ते में तीन साल पहले दरार आई थी। दोनों एक-दूसरे के फोन पर बात करने के कारण शक करते थे। इस बात पर झगड़ा होता था। बात इतनी बढ़ी कि नौबत तलाक तक आ गई। दोनों ने स्वेच्छा से तलाक ले लिया। रेखा ने बच्चे अपने पास रख लिए। मकान भी अपने नाम पर ले रखा था। वहीं बच्चों को अपनी सुपुर्दगी में लेने के लिए केस कोर्ट में चल रहा था। इसमें तारीख लगी हुई है। चर्चा यह भी है कि रेखा अपने बड़े बेटे को सुनील को देना चाहती थी। मगर, उसने कहा था कि बच्चों को कोर्ट से ही लेकर जाएगा।
आगरा में पहले भी हत्याकांड से फैल चुकी है सनसनी
ताजनगरी में हत्याकांड से पहले भी सनसनी फैल चुकी है। दोहरे, तिहरे, चौहरे और छह लोगों की हत्या तक हो चुकी हैं। पुलिस घटनाओं का खुलासा भी कर चुकी है।
- 29 मार्च 2009 : ताजगंज के सैमरी का ताल में गुमान सिंह, उनकी पत्नी कमलेश और रजनी की हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा किया था। गुमान सिंह की बेटी माया, उसके दोस्त पिंटू को कपड़ा था। दो अन्य भी पकड़े थे। बेटी पर हत्याकांड का आरोप लगा था। इस घटना से सनसनी फैल गई थी।
- वर्ष 2011 : आगरा जयपुर हाईवे स्थित कौरई टोल प्लाजा के पास नमस्कार ढाबे में पति-पत्नी सहित चार की हत्या कर दी गई थी। घटना से इलाके में सनसनी फैल गई थी।
- नौ मई 2012 : अछनेरा के गांव तुरकिया में गंभीर सिंह ने दोस्त के साथ मिलकर भाई सत्यभान, भाभी पुष्पा और उनके चार बच्चों कन्हैया, आरती, गुड़िया और प्रिया की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी थी। बाद में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया था। गंभीर सिंह को फांसी की सजा हुई थी। सभी को बेहोश करने के बाद गला काटा था।
- 30 अगस्त 2020 की रात को एत्माद्दौला के नगला किशनलाल में दुकानदार रामवीर, पत्नी मीरा और बेटे बबलू की घर में हत्या कर दी गई थी। घटना का पुलिस ने खुलासा किया था। आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। मोहल्ले के ही रहने वाले बबलू के दोस्त ने घटना को अंजाम दिया था।
- कोतवाली क्षेत्र में ही कपड़ा व्यापारी दंपती की हत्या कर दी गई थी। उनके शव घर में पड़े मिले थे। बाद में पुलिस ने व्यापारी के नौकर को गिरफ्तार किया था। उसने हत्याकांड को अंजाम दिया था।