आगरा के बटेश्वर में बरात लेकर आया दूल्हा अपनी दुल्हन को डोली में बैठाकर ले गया। बृहस्पतिवार की शाम जब डोली में दुल्हन की विदाई हुई, तो वर्षों पुरानी परंपरा फिर से जीवंत हो गई। दुल्हन की विदाई देखने के लिए भीड़ उमड़ी।
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घोड़े पर सवार दूल्हा
- फोटो : अमर उजाला
शेखपुरा बदायूं से प्रमोद पुत्र नंदराम गोस्वामी की बरात बुधवार को बटेश्वर के कालीचरन गोस्वामी के यहां आई थी। गुरुवार की शाम को विदाई की बेला आई, तो डोली देख लोग आश्चर्य में पड़ गए।
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डोली को ले जाते कहार
- फोटो : अमर उजाला
दुल्हन को डोली में बैठाकर जैसे ही 'चलो रे डोली उठाओ कहार' गाना बजा.. विदाई देखने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। आगे घोड़ी पर दूल्हा और पीछे डोली में दुल्हन को देख लोग अतीत से जुड़ी परंपरा में खो गए।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Social Media
हेलीकाप्टर से दुल्हन की विदाई की नई रवायत के दौर में पुरानी परंपरा को जीवंत देख लोग दंग रह गए। इलाके में दिनभर दशकों पुरानी परंपरा की चर्चा होती रही।
बदायूं से आए कहार हनी और रजा ने बताया कि राजा महाराजाओं के दौर की परंपरा करीब चार दशक से लुप्त सी हो गई थी। अब चलन शुरू हुआ है तो रोजी रोटी के लिए शुभ संकेत है।