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दो बच्चियों की जान बचाकर गंगा की गोद में समा गया युवक, हर जुबां पर बहादुरी की चर्चा

Mon, 23 Sep 2019 12:11 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
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बहादुर हरिओम और उसके द्वारा बचाई गईं दोनों बालिकाएं - फोटो : अमर उजाला
कासगंज जनपद के सोरों के लहरा घाट पर रविवार को गंगा में डूब रहीं दो बच्चियों को बचाकर गांव बघेला का युवक गंगा की लहरों में समाया गया। दो बच्चियों को बचाने के बाद अन्य चार को बचाने के प्रयास में वो डूब गया। इस हादसे ने जहां लोगों को झकझोर रख दिया, वहीं युवक की बहादुरी के चर्चे हर जुबान पर हैं। प्रशासन ने भी उसके साहस को सलाम किया। 
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गंगा में युवक और किशोरियों की तलाश करते गोताखोर - फोटो : अमर उजाला
गांव बघेला का रहने वाला हरिओम पुत्र बड्डू रविवार सुबह गंगा स्नान के लिए लहरा घाट पहुंचा था। वो गंगा स्नान कर जैसे ही बाहर निकला तो उसे डूबते बच्चों की चीख सुनाई दी। बच्चों को बचाने के लिए उसने अपनी जान की परवाह न करते हुए गंगा नदी में छलांग लगा दी। मंजू, रूबी को उसने पानी से बाहर निकाल लिया। अन्य चार किशोरियों को बचाने के लिए वो फिर से गंगा में कूद गया। 
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गंगा किनारे एकत्र ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जब वो डूबती किशोरियों को बचा रहा था तो सभी ने उसे पकड़ लिया। इससे वो भी पानी में डूबने लगा। कुछ ही देर में चारों किशोरियों के साथ हरिओम भी गंगा में डूब गया। उसके साहस की चर्चा घाट पर मौजूद हर व्यक्ति की जुबां पर रही। उसकी बहादुरी को जिला प्रशासन ने सलाम किया। प्रशासन उसके साहस पर परिवार को सम्मानित भी करेगा और वीरता पुरस्कार की संस्तुति करेगा।

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गंगाघाट पर एकत्र लोग - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली में गैस रिफलिंग का काम करने वाला हरिओम दो दिन पहले ही शुक्रवार को अपने गांव बघेला आया था। लोगों ने कहा कि शायद भगवान ने उसे बच्चियों को बचाने के लिए ही फरिश्ता बना कर भेजा था। सोमवार को हरिओम को दिल्ली वापस जाना था, लेकिन उससे पहले गंगा में डूब गया। उसका शाम तक कोई पता नहीं चल सका है। 
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हरिओम के परिजनों का रो रोकर बुरा हाल हुआ - फोटो : अमर उजाला
दो बच्चियों की जान बचाने वाले हरिओम की शादी एक वर्ष पहले हुई थी। उसकी पत्नी गिरजा गर्भवती है। हरिओम दिल्ली में काम कर अपने परिवार का भरण पोषण करता था। उसका परिवार टूट चुका है। पत्नी गिरजा का रो-रोकर बुरा हाल था।
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जिलाधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह साथ में एडीएम, एएसपी व अन्य अधिकारी । - फोटो : अमर उजाला
एडीएम योगेंद्र कुमार ने कहा कि युवक हरिओम ने अदम्य साहस का परिचय दिया। उसकी वीरता यादगार है। स्थानीय स्तर पर उसके परिवार की जो भी मदद होगी की जाएगी। शासन को भी जिलाधिकरी ने पत्र भेजा है।
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