शौर्य चक्र विजेता चेतन राणा हो या फिर मेजर शेखर मिश्रा। ऐसे तमाम रणबांकुरे देश के लिए कुर्बान हो गए। सीने पर गोली खाई, लेकिन दुश्मन को अपनी जमीं पर पैर नहीं जमाने दिए। जब उनकी शौर्य गाथा का गुणगान हुआ तो हर शख्स की आंखें गीली हो गईं। जोश से भारत माता की जय, वंदे मातरम के जयकारे आसमां छूने लगे। आगरा में रविवार को वजीरपुरा की पीली कोठी में अमर उजाला के अभिनव अभियान मां तुझे प्रणाम के तहत वीरांगना सम्मान समारोह का आयोजन हुआ। समारोह में 26 से अधिक वीरांगनाएं सम्मानित हुईं। इनको शॉल ओढ़ाकर प्रशस्ति पत्र दिए। सम्मान समारोह में 1962 के चीन युद्ध, 1965-1971 के पाकिस्तान युद्ध, कारगिल युद्ध के अलावा आतंकियों से लोहा लेने वाले शहीदों की वीर नारियां रहीं। बदमाशों से लोहा लेने वाले शहीद पुलिसकर्मियों को भी नमन किया।