कोरोना वायरस के खौफ को भुनाते हुए मास्क की कालाबाजारी करने तीन मेडिकल स्टोर सील कर दिए हैं। इसमें एक मेडिकल स्टोर कांग्रेसी नेता और फुटकर दवा विक्रेता एसोसिएशन अध्यक्ष का है। यह 350 रुपये तक में मास्क बेच रहे थे। टीम ने इनके लाइसेंस निरस्त करने की भी संस्तुति की है।
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मास्क पहने सैलानी
- फोटो : अमर उजाला
डीएम को छह मेडिकल स्टोर की मास्क की कालाबाजारी की शिकायत मिली थी। इस पर डीएम ने एसीएम प्रथम विनोद जोशी के नेतृत्व में खुफिया विभाग और ड्रग विभाग की टीम बनाई।
सूची लेकर खुफिया विभाग के अफसर राजबहादुर सिंह ग्राहक बनकर बाग फरजाना स्थित वर्मा मेडिकल स्टोर पर पहुंचे। यह स्टोर कांग्रेसी नेता जगदीश वर्मा का है। इन्होंने एन-95 मास्क मांगा, जिसकी कीमत उन्होंने 350 रुपये वसूली। बिल मांगा तो कच्चा बिल थमा दिया। इतने पर ही ड्रग इंस्पेक्टर आ गए और रसीद जब्त कर ली। इसकी खरीद का बिल मांगा तो उस पर 150 रुपये कीमत दर्ज था। मेडिकल स्टोर सील कर दिया।
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गायत्री मेडिको
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यहां से कम्मू टोला फव्वारा स्थित गायत्री मेडिको एंड सर्जिकल पर भी यही प्रक्रिया अपनाई। ग्राहक बने खुफिया विभाग के अफसर को विक्रेता राजीव पुहेगा ने थ्री लेयर वाले मास्क की 25 रुपये लिए, इसका भी कच्चा बिल दिया। इसकी कीमत करीब दो से तीन रुपये है। हॉस्पिटल रोड़ स्थित पापूलर मेडिकल स्टोर पर मास्क मांगा तो यहां पर काले रंग वाले मास्क के 70 रुपये लिए, इसकी कीमत करीब 10-12 रुपये है। संचालक साजिद हुसैन ने इसका बिल नहीं दिया। इसकी दुकान भी सील कर दी है।
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कोरोना मास्क
- फोटो : अमर उजाला
ड्रग इंस्पेक्टर राजकुमार शर्मा ने बताया कि मास्क की कालाबाजारी करने पर वर्मा मेडिकल स्टोर, गायत्री मेडिको और पापूलर मेडिकल स्टोर को सील कर दिया है। इनको नोटिस दिया है, लाइसेंस निरस्त की संस्तुति की है। डीएम को रिपोर्ट भेज दी है।
डीएम को बाग फरजाना स्थित केसरी मेडिकल स्टोर, फव्वारा स्थित बीएल फार्मा और आरके मेडिकल स्टोर पर की भी शिकायत मिली थी। यहां पर भी टीम गई, लेकिन यहां पर मास्क का स्टाक खत्म हो चुका था। ग्राहक बने खुफिया विभाग के अधिकारी को मास्क खत्म होने की जानकारी दी।