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आगराः बच्ची की मौत के चार दिन बाद बना परिवार का राशन कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड भी मिला

Wed, 26 Aug 2020 12:08 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

सांसद ने डीएम से उनके दफ्तर में मुलाकात कर राशन कार्ड जारी करने के लिए कहा। इस पर डीएम ने जिला पूर्ति अधिकारी को बुलाकर अस्थाई कार्ड जारी कराया। सांसद ने मनरेगा जॉब कार्ड भी तैयार कराया।
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बच्ची का फाइल फोटो और उसकी मां - फोटो : अमर उजाला
आगरा के नगला विधिचंद में पांच साल की बच्ची सोनिया की मौत के चौथे दिन उसके परिवार का राशन कार्ड बनाया गया और मां शीला को मनरेगा का जॉब कार्ड दिया गया। फतेहपुर सीकरी के सांसद राजकुमार चाहर ने पीड़ित के घर पहुंचकर गैस का चूल्हा भी दिया।
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बच्ची की मां शीला देवी (लाल साड़ी में) - फोटो : अमर उजाला
बच्ची की मां शीला ने बताया था कि बच्ची की मौत भूख से हुई जबकि प्रशासन बीमारी से मौत बता रहा है। बच्ची की जान चली जाने के बाद ही प्रशासन के अधिकारी हरकत में आए और घर पर राशन पहुंचाया। लेकिन परिवार का राशन कार्ड नहीं बना था। 


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बच्ची की मौत के बाद घर पहुंचे सांसद ने दिया गैस का चूल्हा - फोटो : अमर उजाला
सांसद राजकुमार चाहर ने डीएम से उनके दफ्तर में मुलाकात कर राशन कार्ड जारी करने के लिए कहा। इस पर डीएम ने जिला पूर्ति अधिकारी को बुलाकर अस्थाई कार्ड जारी कराया। सांसद ने मनरेगा जॉब कार्ड भी तैयार कराया। इसके बाद वह राशन कार्ड, मनरेगा कार्ड और गैस का चूल्हा लेकर पीड़ित के घर पहुंचे। वहां परिजनों से घटना की पूछी। 11 हजार रुपये की आर्थिक मदद की।


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जिला अधिकारी से मिलने पहुंचे सांसद राजकुमार चाहर - फोटो : अमर उजाला
अफसरों की लापरवाही से नहीं मिला योजनाओं का लाभ: चाहर
डीएम से मुलाकात के बाद सांसद राजकुमार चाहर ने कहा कि नगला विधि चंद के पीड़ित परिवार को राशन कार्ड, मनरेगा के तहत मजदूरी और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ न मिलने का कारण अफसरों की लापरवाही है। उन्होंने कहा कि जांच कर दोषी अफसरों का पता लगाया जाए और उन पर कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि वह इस पूरे प्रकरण की रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजेंगे।
 
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सोनिया का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
सीडीओ को सौंपी गई जांच
पीड़ित परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ क्यों नहीं मिला ? पंचायत स्तर पर मदद क्यों नहीं की गई ? इन सवालों के जवाब के लिए मामले की जांच अब मुख्य विकास अधिकारी जे रीभा करेंगी। डीएम ने कहा किस स्तर पर लापरवाही हुई यह जांच के बाद ही तय होगा।
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जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह - फोटो : अमर उजाला
नोटिस के जवाब देगा प्रशासन
डीएम प्रभु एन सिंह ने बताया तीन नोटिस आए हैं। तीनों के जवाब दिए जाएंगे। बच्ची की मौत भूख से नहीं हुई। मानवाधिकार आयोग, बाल अधिकार आयोग व एक अन्य नोटिस का जवाब तय समय में दिया जाएगा।
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