बिकरू कांड से सबक लेने की जगह इसकी गलतियों को पुलिस बार-बार दोहरा रही है। इसी लापरवाही का नतीजा है कि कभी पुलिसवाले घायल हो रहे हैं तो कभी उनकी जान जा रही है। कासगंज में भी ऐसी ही लापरवाही सामने आई है। शराब माफिया की खुफिया जानकारी जुटाए बगैर पुलिस पार्टी के नाम पर सिर्फ एक दरोगा और एक सिपाही को कच्ची शराब के अड्डे पर भेज दिया गया। इनके पास जीप तक नहीं थी।