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श्रीकृष्ण जन्मभूमि-ईदगाह विवाद: आगरा किले में इस दावे के बाद खंगाला गया ASI का रिकॉर्ड, नहीं मिला बेगम साहिबा की मस्जिद जिक्र

Sun, 29 May 2022 11:14 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
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आगरा किला - फोटो : अमर उजाला
मथुरा में सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में ठाकुर केशव देव के विग्रह को आगरा किले की बेगम साहिबा की मस्जिद से निकालने की याचिका पेश की गई है, जो चर्चाओं में है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास की ओर से पेश दावे के बाद शनिवार को बेगम साहिबा की मस्जिद का रिकॉर्ड तलाशा गया। एएसआई के रिकॉर्ड में बेगम साहिबा की मस्जिद नाम से आगरा के किले में कोई मस्जिद नहीं मिली। पुरातत्व विभाग के रिटायर्ड इंजीनियर एमसी शर्मा के मुताबिक भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के रिकॉर्ड में बेगम साहिब की मस्जिद दर्ज नहीं है। दावे में जिस मुगलकालीन पेंटिंग का हवाला दिया गया है, उस इमारत की तरह से किले के बाहर शहजादी जहांआरा द्वारा बनवाई गई जामा मस्जिद है, लेकिन उसका नाम किसी दस्तावेज में बेगम साहिब की मस्जिद नहीं है। एएसआई की ओर से आगरा किला में तीन मस्जिदों को संरक्षित किया गया है। इनमें मोती मस्जिद, नगीना मस्जिद और मीना मस्जिद हैं। इनका निर्माण शाहजहां के दौर में किया गया था।
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आगरा किला पहुंचे याचिकाकर्ता महेंन्द्र प्रताप सिंह - फोटो : अमर उजाला

आगरा किले में हैं तीन मस्जिदें

एएसआई की ओर से आगरा किला में संरक्षित तीन मोती मस्जिद, नगीना मस्जिद और मीना मस्जिद का निर्माण शाहजहां के दौर में किया गया था। ये तीनों मस्जिदें संगमरमर की हैं। सबसे बड़ी मोती मस्जिद है, जो मीना बाजार से सटी है और वाटरगेट की ओर मुख्य दरवाजा है। यह पर्यटकों के लिए बंद है। दूसरी रतन सिंह की हवेली के पास मच्छी भवन से सटी नगीना मस्जिद है, जो संगमरमर से बनी है। यह शाही परिवार के लिए थी, जबकि दीवान ए खास के पास मीना मस्जिद है, जो शीशमहल से सटी है और इसका इस्तेमाल शाहजहां करते थे। 
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आगरा किला - फोटो : Amar Ujala

तीन साल पहले बदले गए सीढ़ियों के पत्थर

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने किले के सामने जामा मस्जिद की सीढ़ियों के खराब पत्थरों को बदलकर नया लगाया है। उस दौरान पत्थरों को हटाने पर एएसआई के रिकॉर्ड में नीचे ऐसी कोई चीज प्राप्त नहीं हुई थी। तत्कालीन अधीक्षण पुरातत्वविद वसंत कुमार स्वर्णकार के कार्यकाल में तीन साल पहले सीढ़ियों का संरक्षण किया गया है। एएसआई के रिटायर्ड वरिष्ठ संरक्षण सहायक डा. आरके दीक्षित के मुताबिक ब्रिटिश शासन में लगभग सभी स्मारकों में संरक्षण कार्य बड़े पैमाने पर किए गए हैं। टकसाल समेत कई जगह ब्रिटिश काल में खोदाई की गई थी। जामा मस्जिद समेत कई हिस्सों में संरक्षण कार्य कराये गए थे।

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श्रीकृष्ण जन्मभूमि - फोटो : अमर उजाला

सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में पेश किया दावा

श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह ने शुक्रवार को सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में यह दावा पेश किया, जिसमें कहा गया है कि मुगल बादशाह औरंगजेब ने ठाकुर केशवदेव के विग्रह को मथुरा के मूल मंदिर से उठाकर आगरा किले की बेगम साहिबा मस्जिद की सीढ़ियों के नीचे दफन कर दिया था। यह विग्रह अब भी सीढ़ियों के नीचे दफन है। 
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श्रीकृष्ण जन्मभूमि-ईदगाह प्रकरण - फोटो : अमर उजाला

अदालत में की गई विग्रह निकालने की मांग

इसे निकलवाया जाए। इसके समर्थन में उन्होंने साखी मुस्तैक खान की अरबी में लिखित पुस्तक का वर्जन, यदुनाथ सरकार की पुस्तक मासिरे आलम गिरी औरंगजेबनामा देवीप्रसाद, टेंपल डेस्ट्रोय बाय द औरंगजेब बीएस भटनागर तथा मुगलकालीन पेंटिंग को साक्ष्य के रूप में पेश की है।
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