फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वसंत महोत्सव: आगरा के दयालबाग में बिखरी वासंती छटा, 'ऋतुराज' के स्वागत में सजे घर-द्वार

Sun, 14 Feb 2021 12:03 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
विज्ञापन
1 of 6
आगरा: ऋतुराज के स्वागत के लिए सजाया गया दयालबाग - फोटो : अमर उजाला
आगरा में वसंत ऋतु के स्वागत के लिए दयालबाग क्षेत्र को मनोहारी ढंग से सजाया जा रहा है। हर ओर वासंती छटा बिखरने लगी है। कॉलोनियों में द्वार बनाकर सजाए जा रहे हैं। घरों की सफाई-सफाई और रंगाई-पुताई चल रही है। घर के सामने और पार्क में रंगोली बनाई जा रही है। उत्सव की तैयारी में घर का प्रत्येक सदस्य लगा हुआ है। दयालबाग क्षेत्र में 14 से 16 फरवरी तक वसंतोत्सव मनाया जाएगा। विभिन्न गतिविधियां होंगी। 
विज्ञापन

2 of 6
आगरा: पीले वस्त्र देखती युवती - फोटो : अमर उजाला
स्वामी नगर सहित सभी कॉलोनियों, दयालबाग शिक्षण संस्थान, शूटिंग रेंज, प्रेम नगर सभी जगहों पर सजावट की जा रही है। स्वामी नगर में रहने वाली बीटेक की छात्रा डी. स्वाति ने बताया कि वसंतोत्सव के लिए बहुत उत्साह होता है। सामुदायिक सेवा का अवसर मिलता है। इसके साथ नए वर्ष की शुरूआत होती है। 
विज्ञापन

3 of 6
आगरा: दयालबाग में बनाया गया द्वार - फोटो : अमर उजाला
एमबीए की छात्रा प्रीती ने बताया कि पूरे वर्ष इस बेला का इंतजार किया जाता है। सजावट के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त की जाती हैं। एक हफ्ते से पहले से सजावट चल रही है। कक्षा 11 के छात्र मेहर सत्संगी ने बताया कि वसंत से हर नए काम की शुरूआत की जाती है। इसलिए इस उत्सव को यादगार बनाने का प्रयास किया जाता है। रोजी परमार ने कहा कि गुरु महाराज कॉलोनियों का भ्रमण करते हैं, उनके लिए पूरे मनोयोग से सजावट की जाती है। 

4 of 6
स्वामीबाग समाध, दयालबाग - फोटो : Amar Ujala
वसंत राधास्वामी मत के अनुयायियों के लिए प्रमुख उत्सव होता है। वर्ष 1861 को वसंत पंचमी के दिन परम पुरुष पूरन धनी हुजूर स्वामीजी महाराज ने पन्नी गली में सर्व साधारण के लिए सत्संग प्रारंभ किया था और राधास्वामी मत का आरंभ हुआ था। दयालबाग के मीडिया प्रभारी एसके नैयर के मुताबिक यह मत देश व विदेश में बढ़ रहा है और 202 वर्ष पूरा कर चुका है। 
विज्ञापन

5 of 6
दयालाबाग का प्राचीन मुबारक कुआं - फोटो : अमर उजाला
वसंत के ही दिन 20 जनवरी 1915 को राधास्वामी मत के पांचवें आचार्य परम पूज्य हुजूर महाराज साहब ने मुबारक कुएं के पास शहतूत का पौधा लगाकर दयालबाग कॉलोनी की नींव रखी थी। मुबारक कुआं व शहतूत का पेड़ आज भी संरक्षित है। दयालबाग की नींव रखने के अगले दिन ही शिक्षा की नींव रखी थी। जहां पहले रेत के टीले और झाड़ियां थी, अब 1200 एकड़ भूमि में खेती हो रही है। 200 एकड़ भूमि पर सरसों की खेती है। सरसों के फूल वसंत के आगमन का संदेश दे रहे हैं।  
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
आगरा: दयालबाग में काम करते सेवार्थी - फोटो : अमर उजाला
इस बार बाहर से नहीं आएंगे सत्संगी
दयालबाग के मीडिया प्रभारी एसके नैयर के मुताबिक इस बार वसंतोत्सव पर बाहर से सत्संगी नहीं आएंगे। कोरोना संक्रमण को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। देश व विदेश के 500 केंद्रों पर दयालबाग में होने वाले कार्यक्रमों का सजीव प्रसारण किया जाएगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें