रिकार्ड 28 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ान भर कर तिब्बत, कजाकिस्तान, रूस, मंगोलिया से चंबल पहुंचे बार हेडेड गूज के झुंड और उनकी अठखेलियां सैलानियों को खूब भा रही हैं।
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प्रवासी पक्षी के झुंड
- फोटो : अमर उजाला
एक दिन में 1600 किमी की उड़ान भरने की क्षमता वाले बार हेडेड गूज के झुंड ने बाह के नंदगवां घाट पर चंबल नदी में डेरा डाल लिया है। चंबल के जल में इनकी अठखेलियां यहां आने वाले सैलानियों को खूब भा रही हैं। पक्षी विशेषज्ञ सतेंद्र शर्मा ने बताया कि चंबल की आवोहवा इस पक्षी को भा रही है। तभी साल दर साल इनके झुंड यहां दस्तक दे रहे हैं। पर्यटक पक्षियों के झुंड और इनके बारे में जानकर अचंभित हो उठते हैं। वन कर्मी इन प्रवासी पक्षियों पर नजर भी रखे हुए हैं।
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बार हेडेड गूज
- फोटो : अमर उजाला
बार हेडेड गूज के सिर और गर्दन पर काले निशान के साथ इनका रंग पीला ग्रे होता है। सिर पर दो काली सलाखों के आधार पर सफेद पंख होते हैं। इनके पैर मजबूत और नारंगी रंग के होते हैं। इनकी लंबाई 68 से 78 सेमी, पंखों का फैलाव 140 से 160 सेमी, वजन दो से तीन किलोग्राम होता है। मई के अंत में प्रजनन शुरू होता है।
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बार हेडेड गूज
- फोटो : अमर उजाला
ये अपना घोंसला खेत के टीले या पेड़ पर बनाते हैं। एक बार में तीन से आठ अंडे देते हैं। 27 से 30 दिनों में अंडे से बच्चे बाहर निकलते हैं। दो महीने के बच्चे उड़ान भरने लगते हैं।
बार हेडेड गूज के चंबल में कई ठिकाने दिखे हैं। यहां इनकी मौजूदगी पर्यटकों के लिए सुखद अनुभव है। सबसे ऊंची और तेज उड़ान वाले पक्षी के चंबल प्रवास पर नजर रखी जा रही है। - आरके सिंह राठौर , रेंजर बाह