वृंदावन के ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में शुक्रवार रात मंगला आरती के समय हुए हादसे में पुलिस प्रशासन के साथ मंदिर प्रबंधन की जिम्मेदारी और प्रबंधन पर सवाल उठ रहे हैं। मंदिर के सेवायतों ने इस हादसे के लिए प्रशासन के साथ ही मंदिर के प्रबंधन को भी कठघरे में खड़ा किया है।
ठोस रणनीति के न होने का परिणाम
साफ कहा जा रहा है कि मंदिर में क्षमता से अधिक भीड़ के दबाव के चलते रात दो बजे हुई मंगला आरती में भगदड़ मच गई, जिसमें 2 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 50 से अधिक घायल हो गए। इनमें से कई का उपचार स्थानीय अस्पतालों में चल रहा है। मंदिर प्रबंधन से लेकर पुलिस प्रशासन के कुप्रबंधन को इस हादसे के लिए जिम्मेदार माना गया है। मंदिर के सेवायत दिनेश गोस्वामी ने कहा कि भीड़ से निपटने की किसी ठोस रणनीति नहीं थी, ये हादसा उसी का परिणाम है।
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बांकेबिहारी मंदिर से निकलते भक्त
- फोटो : अमर उजाला
बांकेबिहारी मंदिर में जन्माष्टमी की रात 12 बजे ठाकुरजी के महाभिषेक के बाद 1:45 बजे मंदिर के कपाट मंगला आरती के दर्शनों के लिए खोले गए। इस दौरान मंदिर परिसर भीड़ से खचाखच भरा था। प्रशासनिक अधिकारी और उनके परिजन के साथ सेवायतों के यजमान भी मंदिर में पहले से ही मौजूद थे। ऐसे में गेट खुलते ही बाहर की भीड़ मंदिर प्रांगण की ओर बढ़ी तो निकलने के लिए बनाए गए दो एग्जिट गेटों से भी भीड़ दर्शनों के लिए प्रवेश करने लगी।
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बांकेबिहारी मंदिर में भक्तों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
क्षमता से अधिक बन गया भीड़ का दबाव
लगभग 1800 लोगों की क्षमता वाले मंदिर प्रांगण में भीड़ का अत्यधिक दबाव बन गया और लोगों का दम घुटने लगा, जिससे वहां भगदड़ के हालात बन गए। इसका नतीजा हुआ कि दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई। वहीं कुछ सेवायतों ने बताया कि जिस समय यह हादसा हुआ, किसी कर्मचारी ने मंदिर का पांच नंबर गेट को बंद कर दिया। यह गेट भीड़ के प्रवेश को रोकने के लिए बंद किया गया या अन्य किन्ही कारणों से यह भी जांच का विषय है।
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बांकेबिहारी मंदिर में भक्तों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
हादसे के बाद भी मंदिर में कम नहीं हो रही भीड़
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में हुए हादसे के बाद भी मंदिर में भीड़ का दबाव कम नहीं हो सका है। रविवार को भी मंदिर में भारी भीड़ का दबाव रहा, हालांकि मंगला आरती के दौरान हुए हादसे से सबक लेकर मंदिर प्रबंधन और पुलिस ने व्यवस्थाओं को संभालने का प्रयास किया है। रविवार की छुट्टी होने के बाद ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में भारी भीड़ रही। सुबह पट खुलने के पहले ही मंदिर के बाहर भीड़ जमा हो गई।
बांकेबिहारी मंदिर में भक्तों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
रविवार को भी बेतहाशा भीड़
मंदिर के गेट खुलते ही भक्तों की भीड़ मंदिर में प्रवेश कर गई। मंदिर में रविवार को भी बेतहाशा भीड़ रही। हादसे के बाद मंदिर प्रबंधन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर के गेट नंबर दो और तीन से श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश दिया जा रहा था जबकि एक और चार से निकासी की व्यवस्था की गई। इसके बाद भी मंदिर में भीड़ का दबाव लगातार बना रहा। गलियों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ रही।