फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mathura: काशी विश्वनाथ जैसा वृंदावन बांकेबिहारी मंदिर में बनेगा कॉरिडोर, शासन ने डीएम से मांगा राजस्व रिकॉर्ड

Sun, 21 Aug 2022 07:24 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
विज्ञापन
1 of 6
बांकेबिहारी मंदिर में भक्तों की भीड़ - फोटो : अमर उजाला
मथुरा में वृंदावन के ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ दिन व दिन बढ़ती जा रही है। वहीं जन्माष्टमी पर मंगला आरती के दौरान हुआ हादसा भी एक बड़ा सबक है। ऐसे हालात नियंत्रित करने के लिए काशी विश्वनाथ की तरह कॉरिडोर की जरूरत अब महसूस की जा रही है। इसी के चलते अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने जिलाधिकारी मथुरा से वृंदावन स्थित श्रीबांकेबिहारी मंदिर के स्वामित्व वाली जमीन से जुड़ा राजस्व रिकॉर्ड मांगा है।

मंदिर के नोटिस बोर्ड पर सूचना की गई चस्पा

सिटी मजिस्ट्रेट ने शासन के इस आदेश पर मंदिर के राजस्व साक्ष्य जुटाने के लिए मंदिर प्रबंधक, पुलिस, तहसील सदर और नगर निगम को निर्देशित किया है। मंदिर के नोटिस बोर्ड पर यह सूचना चस्पा की गई है, जिसमें मंदिर के सेवाधिकारियों से पांच बिंदुओं पर सुझाव देने को कहा है, जिसमें मंदिर के स्वामित्व के साथ दर्शनार्थियों की बढ़ती भीड़ से निपटने के उपाय भी शामिल हैं।
विज्ञापन

2 of 6
बांकेबिहारी मंदिर में भक्तों की भीड़ - फोटो : अमर उजाला
पिछले कुछ समय से वृंदावन में श्रीबांकेबिहारी मंदिर को बनारस स्थित बाबा विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित करने की योजना पर काम किया जा रहा है। दरअसल वृंदावन में श्रीबांकेबिहारी मंदिर भी काशी विश्वनाथ जैसी जटिलताओं से घिरा हुआ है। यह मंदिर भी घनी आबादी के बीच स्थित है। मंदिर तक पहुंचने के सभी रास्ते संकरे हैं। दर्शनार्थियों की भीड़ निरंतर बढ़ रही है, जबकि मंदिर और उसके आसपास स्थान का अभाव परेशानी का कारण बना हुआ है।
विज्ञापन

3 of 6
बांकेबिहारी मंदिर में भक्तों की भीड़ - फोटो : अमर उजाला
विकास की योजनाएं जमीन के अभाव में मूर्त रूप नहीं ले पा रही हैं। ऐसी स्थिति में जिला प्रशासन और ब्रज तीर्थ विकास परिषद श्रीबांकेबिहारी मंदिर को भी काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर के पैटर्न पर विकसित करने की योजना पर काम कर रहे हैं। इसी प्रक्रिया के तहत अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल से श्रीबांकेबिहारी मंदिर में दर्शनार्थियों की समस्याओं को लेकर विस्तृत आख्या मांगी है। इसमें आजादी से पूर्व 31 मार्च 1939 में मुंसिफ मजिस्ट्रेट मथुरा का संदर्भ लेते हुए राजस्व अभिलेख, खतौनी और नगर निगम रिकॉर्ड में मंदिर की स्थिति, बिजली के कनेक्शन का विवरण भी देने को कहा है।

4 of 6
बांकेबिहारी मंदिर में भक्तों की भीड़ - फोटो : अमर उजाला
चार अगस्त को अपर मुख्य सचिव द्वारा जारी आदेश के बाद सिटी मजिस्ट्रेट सौरभ दुबे ने नगर निगम के अपर नगर आयुक्त वृंदावन, तहसीलदार सदर, पुलिस क्षेत्राधिकारी सदर और मंदिर प्रबंधक से उपरोक्त बिंदुओं पर 15 दिन रिपोर्ट देने को कहा है। मंदिर प्रबंधक मुनीष शर्मा ने सेवाधिकारियों के लिए उक्त आशय का नोटिस मंदिर बोर्ड और उनके घरों पर चस्पा कर दिया है।
 
विज्ञापन

5 of 6
बांकेबिहारी मंदिर में भक्तों की भीड़ - फोटो : अमर उजाला

मंदिर में दर्शनार्थियों की संख्या पर मांगे हैं सुझाव

अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने उपरोक्त आदेश पर श्रीबांकेबिहारी मंदिर के क्षेत्रफल और बढ़ती दर्शनार्थियों की संख्या का उल्लेख करते हुए उसमें सुधार के लिए सुझाव भी मांगा है। उल्लेख किया गया है कि 1886 में रतन सिंह ने मंदिर का निर्माण/जीर्णोद्धार कराया था। वर्तमान में सामान्य दिनों मं 40 से 50 हजार, सप्ताहांत में 1.5 लाख से 2 लाख एवं त्योहारों के दिन श्रद्धालुओं की संख्या 5 लाख से अधिक चली जाती है। मंदिर प्रांगण के क्षेत्रफल में आज तक कोई वृद्धि नहीं हुई है। जिसके दृष्टिगत उन्हें दर्शन कराने में मंदिर के लोगों एवं जिला प्रशासन के समक्ष उत्पन्न होने वाली समस्याओं पर सुझाव भी दें।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
बांकेबिहारी मंदिर में भक्तों की भीड़ - फोटो : अमर उजाला

3600 वर्ग फीट में बना है श्रीबांकेबिहारी मंदिर

श्रीबांकेबिहारी मंदिर के आंगन का क्षेत्रफल लगभग 3600 वर्गफीट है। इसमें 1200 वर्ग फीट क्षेत्र के ही दर्शनार्थियों को दर्शन लाभ मिल पाता है। श्रीबांकेबिहारी मंदिर के दर्शन के लिए 8 घंटे (प्रात: 8 से 12 बजे एवं शाम 4 से 8 बजे तक) का समय ही सामान्य दिनों में उपलब्ध होता है। इस स्थिति में उत्पन्न होने वाली समस्याओं पर भी अपर मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी के माध्यम से सुझाव मांगे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें