मथुरा वृंदावन में हरियाली तीज पर्व की तैयारियां शुरू हो गईं हैं। 31 जुलाई को हरियाली तीज पर ठाकुर श्रीबांकेबिहारी महाराज विश्व में एकलौते स्वर्ण रजत हिंडोले में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे। विश्व प्रसिद्ध ठाकुर श्री बांके बिहारीजी मंदिर में आयोजित होने वाले हरियाली तीज महोत्सव की तैयारियों में मंदिर प्रबंधन के साथ साथ सेवायत भी लगे हैं। 31 जुलाई की सायं चार बजे से लेकर अर्द्धरात्रि तक ठाकुर बांकेबिहारी महाराज स्वर्ण रजत निर्मित हिंडोले में विराजमान होकर श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे।
वहीं, वृंदावन के अन्य मंदिरों में हरियाली तीज महोत्सव की तैयारियां चल रही हैं। ठाकुर बांके बिहारी मंदिर के सेवायत ने बताया कि हरियाली तीज पर जन जन के आराध्य ठाकुर बांकेबिहारी महाराज अपने अनूठे और दिव्य इस हिंडोले में पूरे ठाठ बाट के साथ विराजते हैं। भक्त भी अपने आराध्य के दर्शन पाकर कृतार्थ होते हैं। उन्होंने बताया कि इसी के साथ ही वृंदावन के मंदिरों, मठों और आश्रमों में हिंडोला उत्सव का विधिवत शुभारंभ हो जाता है। यह महोत्सव रक्षाबंधन तक झूलनोत्सव के रूप में मनाया जाएगा।
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बांके बिहारी मंदिर पर उमड़ी भक्तों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
फूलडोल एकादशी से देशी विदेशी फूलों की छांव में विराजमान होकर 109 दिन में 218 फूलबंगलों में ठाकुर श्रीबांकेबिहारी ने भक्तों को दर्शन दिए। आराध्य की मनमोहक झलक पाने को देश दुनिया से लाखों श्रद्धालु ने वृंदावन में डेरा डाला हुआ है।
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बांके बिहारी का मंदिर।
- फोटो : अमर उजाला
अब हरियाली अमावस्या बृहस्पतिवार को आखिरी फूलबंगला सजेगा। बांकेबिहारी मंदिर के सेवायत आचार्य प्रहलाद वल्लभ गोस्वामी के अनुसार गर्मी के दिनों में ठाकुरजी को शीतलता प्रदान करने के लिए हर साल वर्ष बंगला सजाए जाते हैं। देशी विदेशी फूलों की झांकी में बैठकर बांकेबिहारी भक्तों को दर्शन दे रहे हैं।
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बांके बिहारी मंदिर में भक्तों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
ठाकुरजी की फूलबंगला सेवा के लिए देश विदेश में बैठे उनके भक्त एक एक दिन की सेवा के लिए उतावले रहते हैं। उन्होंने बताया कि हर साल मंदिर में फूलबंगला सेवा फूलडोल एकादशी से शुरू होकर सावन के महीने में हरियाली अमावस्या तक रहती हैं।