निधिवनराज मंदिर में की गई भव्य सजावट
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सेवायत ने बताया कि ठाकुरजी के प्राकट्योत्सव पर सुबह पांच बजे वेद मंत्रोच्चारण एवं केलिमाल के पदों के गायन के मध्य ठाकुर बांकेबिहारी की प्राकट्य स्थली का दूध, दही, मेवा, घी, बूरा, शहद, गंगा जल, यमुना जल, केसर के इत्र एवं जड़ी बूटियों से महाभिषेक किया जाएगा। इसके बाद ठाकुरजी की प्राकट्य स्थली की विशेष आरती की जाएगी।
रसिकजन भजनों के माध्यम से रिझाएंगे
ठाकुरजी के प्राकट्योत्सव में प्राकट्य स्थली पर सुबह से ही बधाई गायन एवं भजन गायन होगा। सुबह 10 बजे से सूफी भजन गायक जेएसआर मधुकर एवं सायंकाल 4 बजे से भजन गायिका पूनम दीदी द्वारा भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी।