आगरा के रुनकता में रोहिंग्या मुस्लिमों को शरण देने वाला बांग्लादेशी नागरिक सईदुल गाजी और उसकी पत्नी-बेटे को गिरफ्तार कर लिया गया है। गाजी ने मीडिया के सामने यह कबूल कर लिया था कि वो मूल रूप से बांग्लादेश का रहने वाला है। उसने कहा था कि अब तो यहां आराम से रह सकता है, क्योंकि उसके आधार कार्ड सहित तमाम दस्तावेज बन गए हैं। जबकि वो यहां अवैध रूप से रह रहा था।
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खुफिया पुलिस ने दो मौलवी भेज उगलवाया गाजी से सच, तस्वीरों ने जानें इसकी पूरी कहानी
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पकड़े गए तीन बांग्लादेशी
- फोटो : अमर उजाला
गाजी ने बताया था कि वो आठ साल पहले बांग्लादेश से 20 हजार रुपये लेकर चला था। अब उसके पास प्लॉट और गाड़ियां हैं। उसका वीडियो देखने के बाद ही पुलिस हरकत में आई। गाजी कैमरे के सामने झूठ नहीं बोल पाया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इस वीडियो को देखने के बाद खुफिया पुलिस ने जाल बिछाया। दो मौलवी गाजी के पास भेजे गए। उन्होंने उससे लंबी बातचीत की। इस दौरान गाजी ने अपनी पूरी कहानी बता दी। खुफिया पुलिस ने इसकी रिपोर्ट सिकंदरा के इंस्पेक्टर अजय कौशल को दी। अजय कौशल ने गाजी और उसके परिवार को गिरफ्तार कर लिया।
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बांग्लादेशियों के पास मिले दस्तावेज
- फोटो : अमर उजाला
गाजी ने पुलिस पूछताछ में तो यही बताया है कि उसने दलालों के माध्यम से वोटर कार्ड से लेकर आधार कार्ड तक बनवाए। फिर दलालों ने ही उसका बैंक
में खाता खुलवाया और लोन दिलवाया। अगर इस मामले की जांच कराई गई तो वे अधिकारी फंस सकते हैं, जिन्होंने बगैर जांच पड़ताल के बांग्लादेशियों को भारतीय नागरिक मानकर तमाम दस्वातेज जारी किए। ओबीसी का जाति प्रमाणपत्र बनवाया था।
खुफिया पुलिस ने दो मौलवी भेज उगलवाया गाजी से सच, तस्वीरों ने जानें इसकी पूरी कहानी
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बांग्लादेशियों के पास मिले दस्तावेज
- फोटो : अमर उजाला
गाजी रुनकता में अपना मकान बनाने की तैयारी में था। अभी वो झोपड़ी डालकर ही रह रहा था। पुलिस अब उसके बैंक खाते की जांच भी करेगी। इसमें काफी रकम हो सकती है। यह भी मालूम किया जाएगा कि उसने सिर्फ कबाड़ का काम किया या फिर गलत धंधे भी कर रहा था। अब गाजी की गिरफ्तारी के बाद रोहिंग्या मुस्लिमों को भी रुनकता छोड़ना पड़ सकता है। ये लोग गाजी के सहारे ही यहां शरण लेने के लिए आए थे।
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थाने में बैठे पकड़े गए रोहिंग्या मुस्लिम
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस की जांच में यह भी आया कि गिरफ्तार किया गया गाजी ही बांग्लादेशियों को रुनकता में बसा रहा था। वो आठ साल पहले आया था। इसके बाद उसने और लोगों को बुला लिया। इनमें से कई उसके रिश्तेदार हैं, उसने ही रोहिंग्या मुस्लिमों को रुनकता में बसाने का ठेका लिया था। इसके बदले वो पैसा लेना चाहता था। रोहिंग्या मुस्लिम उसे अपना रिश्तेदार बता रहे थे। अब इसकी भी जांच होगी कि वह सच बोल रहे थे या झूठ।
रुनकता से अभी तीन बांग्लादेशी नागरिक पकड़े गए हैं। अगर ठीक से जांच पड़ताल हो तो 60 और जेल जा सकते हैं। ये लोग लंबे समय से रह रहे हैं। खुफिया पुलिस रिपोर्ट दे चुकी है कि ये बांग्लादेशी हो सकते हैं। इन्होंने भी वोटर कार्ड, आधार कार्ड, सब बना लिए हैं। सिस्टम सो रहा है, बांग्लादेशी आसानी से बसते जा रहे हैं। पिछले साल एत्माद्दौला के सती नगर से फातिमा उर्फ लीची पकड़ी गई थी। वो बांग्लादेशी मूल की है, उसे एनआईए ने पकड़ा था। तब यह खुलासा हुआ था कि एत्माद्दौला क्षेत्र में ही 200 बांग्लादेशी है, जिनके आधार कार्ड बन चुके हैं।