डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की बीएएमएस परीक्षा की कॉपियों को बदलने के मामले में एसटीएफ अपना दायरा बढ़ा रही है। जांच के घेरे में आए कर्मचारियों और अधिकारियों की बेचैनी इससे बढ़ रही है। आलम यह है कि अब वो छुट्टी के लिए आवेदन करने लगे हैं। कोई परिवार में शादी का बहाना तो कोई मेडिकल लीव लिखकर दे रहा है। मगर, किसी को छुट्टी नहीं दी जा रही है। कई को यह डर सता रहा है कि किसी और के चक्कर में वह भी न फंस जाएं।
बीएएमएस की कॉपियां बदलने के मामले में पुलिस दो आरोपियों देवेंद्र और डॉ. अतुल को जेल भेज चुकी है। छात्र नेता राहुल पाराशर की तलाश की जा रही है। वहीं एसटीएफ ने अपना कैंप ऑफिस भी विश्वविद्यालय परिसर में बना रखा है। कैंप ऑफिस में कर्मचारियों को बुलाया जा रहा है। एसटीएफ सूत्रों ने बताया कि जिन कर्मचारियों और अधिकारियों की पूछताछ के लिए लिस्ट बनाई गई है, उनमें काफी छुट्टी के लिए अपने अधिकारियों को आवेदन कर रहे हैं।
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एसटीएफ ने एसआईटी से संबंधित रिकॉर्ड भी लिया
- फोटो : अमर उजाला
बताया जा रहा है कि कुछ ने तो बीमारी का इलाज कराने की बात कही है। मगर, किसी को छुट्टी नहीं मिल रही है। कर्मचारियों से कहा गया है कि वह एसटीएफ की जांच में सहयोग करें। उन्हें जो जानकारी है, वो साझा करें। किसी भी निर्दोष के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी। एसपी एसटीएफ राकेश कुमार यादव ने बताया कि बीएएमएस की कॉपियां बदलने के मामले में पूछताछ की जा रही है। कर्मचारियों को एक-एक करके बुलाया जा रहा है।
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विश्वविद्यालय पहुंची एसटीएफ
- फोटो : अमर उजाला
पांच जिलों में पुलिस की दबिश
छात्र नेता की तलाश में एसटीएफ ने पांच जिलों मथुरा, फिरोजाबाद, अलीगढ़, हाथरस और एटा में दबिश दी है। मगर, वह नहीं मिला। रिश्तेदार और परिचित भी रडार पर लिए गए हैं।
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विश्वविद्यालय पहुंची एसटीएफ
- फोटो : अमर उजाला
एजेंसी के कार्यालय में कॉपियां खंगाल रहे पांच कर्मी
एसटीएफ के पांच दरोगा और निरीक्षक विश्वविद्यालय एजेंसी के छलेसर कार्यालय में लगे हुए हैं। वह कॉपियां चेक कर रहे हैं। वह यह देख रहे हैं कि किसी अन्य कॉलेज की कितनी कॉपियां बदली गईं। इसके लिए सभी कॉपियों को चेक किया जा रहा है।