पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्मस्थली बटेश्वर को रेल लाइन से जोड़े हुए पांच साल बीत गए मगर अभी तक बटेश्वर हॉल्ट को स्टेशन का दर्जा नहीं मिल सका है। इसका नाम अटलजी के नाम पर रखे जाना तो दूर, रेल लाइन से गुजरने वाली एकमात्र पैसेंजर ट्रेन भी बंद है। केवल सप्ताह में तीन दिन चलनेे वाली एक ट्रेन यहां से होकर गुजर रही है।
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बटेश्वर हाल्ट
- फोटो : अमर उजाला
आगरा बटेश्वर इटावा रेल लाइन चंबल के बीहड़ से होकर गुजरती है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने छह अप्रैल 1999 को इसकी आधारशिला रखी थी। दिसंबर 2015 में इस सिंगल रेल लाइन का शुभारंभ हुआ और आगरा कैंट से चलने वाली आगरा वाया बटेश्वर पैसेंजर ट्रेन की शुरुआत हुई। पांच साल गुजरने के बाद भी इस सिंगल रेल लाइन के विस्तार के प्रस्तावों पर काम नहीं हो सका है।
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बटेश्वर हाल्ट
- फोटो : अमर उजाला
स्टेशन का नाम अटल स्टेशन रखने की मांग पूरी नहीं हुई
बटेश्वर हॉल्ट को स्टेशन बनाने और इसका नाम अटल जी के नाम पर रखने की मांग भी स्थानीय निवासियों ने की थी। यहां अटलजी का बचपन बीता था, लेकिन अभी तक चंबल से गुजरने वाले इस ट्रैक के किसी स्टेशन पर आरपीएफ व जीआरपी की चौकी तक स्थापित नहीं हो सकी है।
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बटेश्वर हाल्ट
- फोटो : अमर उजाला
यहां से सप्ताह में तीन दिन चलने वाली एकमात्र एक्सप्रेस गुजरती है। लॉकडाउन से ही एकमात्र पैसेंजर ट्रेन भी बंद चल रही है। इस ट्रैक पर यात्री ट्रेनों के बढ़ाने की मांग भी कई बार की जा चुकी है मगर अभी तक इस रूट पर ट्रेनों को भी नहीं बढ़ाया जा सका है।
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बटेश्वर
- फोटो : अमर उजाला
शमसाबाद बने बड़ा स्टेशन
यात्री परामर्शदात्री समिति के सदस्य राजकुमार शर्मा का मानना है कि बटेश्वर रेल लाइन पर शमसाबाद, राजाखेड़ा (राजस्थान) से जोड़ता है। अगर इस स्टेशन का विकास किया जाए तो इस रूट पर यात्री मिलेंगे। यहां से बड़ी संख्या में दैनिक यात्री भी आगरा आवागमन करते हैं। इस रेलवे ट्रैक का विद्युतीकरण भी होना चाहिए।
विद्युतीकरण का कार्य चल रहा : डीसीएम
बटेश्वर बाह रेलवे लाइन के विद्युतीकरण का कार्य चल रहा है। यह अगले साल मार्च तक पूरा होेने की उम्मीद है। दोहरीकरण के बारे में जानकारी नहीं है। - एसके श्रीवास्तव, वाणिज्य प्रबंधक, आगरा रेल मंडल