वृंदावन के प्राचीन राधारमण मंदिर में शनिवार को लोहवन निकुंज में विराजमान होकर ठाकुर राधारमण लाल ने भक्तों को दर्शन दिए। इस दौरान वेणुनाद कला केंद्र के कलाकारों ने ठाकुरजी के समक्ष ओडिसी नृत्य प्रस्तुत किया।
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लोहवन निकुंज में विराजे ठाकुरजी
- फोटो : अमर उजाला
बंगला कारीगरों ने केले के वृक्ष, मोगरा व गुलाब पुष्पों से लोहवन की निकुंज सजाई। गर्भगृह से बाहर जगमोहन में सजी निकुंज में ठाकुर राधारमण को विराजमान कराया गया। अपने आराध्य के अलौलिक दर्शन पाकर श्रद्धालु धन्य हो गए।
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लोहवन निकुंज में विराजे ठाकुर
- फोटो : अमर उजाला
मंदिर सेवायत आचार्य श्रीवत्स गोस्वामी ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार लोहवन में लोहासुर का भगवान कृष्ण ने वध किया था और जरासंध को 19 बार पराजित किया था। माधुर्यमयी लीलाओं के अंतर्गत यहीं पर ब्रजगोपियों को नाव में बैठाकर भगवान कृष्ण ने यमुना पार कराई थी।
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राधारमण मंदिर में ओडिसी नृत्य करते कलाकार
- फोटो : अमर उजाला
राग सेवा में वेणुनाद कला केंद्र के कलाकारों ने गुरु प्रतापनारायण बेहरा के निर्देशन में ओडिसी नृत्य की प्रस्तुति दी। कलाकारों ने लोकनृत्य से मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
लोहवन निकुंज में विराजे ठाकुरजी
- फोटो : अमर उजाला
कलाकार कुंजलता मिश्रा व दिव्यांजली मिश्रा ने मंगला चरण में विष्णु वंदना शांताकारम भुजग शयनम..., विष्णुप्रिया गोस्वामी ने अष्ट शंभू भगवान शिव के आठ अवतार का वर्णन किया। इसके बाद भगवान कृष्ण की माखन चोरी और कालियामर्दन का लीला मंचन हुआ।