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Firozabad : सैन्य सम्मान से फौजी कमलेश की अंतिम विदाई, नौ महीने के बेटे ने दी मुखाग्नि, हर आंख हुई नम

Sat, 16 Jul 2022 05:53 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
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सैनिक का हुआ अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
फिरोजाबाद के कठफोरी क्षेत्र में शनिवार को सेना के जवान कमलेश कुमार को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। गांव ठार नग्गुआ निवासी कमलेश कुमार (40) नागालैंड में तैनात थे। 14 जुलाई को दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया था। शनिवार की सुबह सेना की टुकड़ी सैनिक कमलेश के पार्थिव शरीर को लेकर उनके पैतृक गांव पहुंची। सूचना मिलते ही डीएम रवि रंजन, एसएसपी आशीष तिवारी, एसडीएम सिरसागंज विवेक मिश्रा, सीओ राजवीर सिंह गांव पहुंचे। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने कमलेश को पुष्पचक्र अर्पित कर नमन किया। अंत्येष्टि स्थल पर नौ माह के बेटे माधव ने पिता की चिता को मुखाग्नि दी तो वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। सैनिक के अंतिम संस्कार में आसपास के सैकड़ों ग्रामीण शामिल हुए। बता दें कि कमलेश कुमार वर्ष 2003 में सेना में भर्ती हुए थे। उनके पिता रामगोपाल यादव भी सेना में सेवा दे चुके हैं। 
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शनिवार को लाया गया पार्थिव शरीर - फोटो : अमर उजाला
फौजी कमलेश कुमार के बड़े भाई सर्वेश ने बताया कि सेना द्वारा कमलेश की ड्यूटी के दौरान हार्टअटैक के कारण मौत होने की जानकारी दी गई थी। फ्लाइट कैंसिल हो जाने के कारण कमलेश का पार्थिव शरीर शनिवार को गांव लाया गया।  
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हाथों में तिरंगा लेकर खड़ी सैनिक की पत्नी - फोटो : अमर उजाला
मृतक जवान कमलेश के परिवार में मां, पत्नी कांति देवी सहित दो बेटी एवं एक बेटा है। बड़ी बेटी शालिनी (15), छोटी बेटी रागिनी (11) और बेटा माधव नौ महीने का है। कमलेश के निधन से बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। पत्नी कांति देवी के आंसू नहीं थम रहे थे। 

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सैनिक के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित करते अफसर - फोटो : अमर उजाला
शनिवार को कमलेश कुमार अमर रहें... नारों के बीच सैनिक को अंतिम विदाई दी गई। हर किसी की आंखें नम थीं। जिलाधिकारी ने कमलेश की पत्नी कांती को भरोसा दिलाया कि प्रशासन आपके परिवार के साथ है। सभी देयों को प्राथमिकता के आधार पर दिए जाने की कार्रवाई की जाएगी। 
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सैनिक का हुआ अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
फौजी के अंतिम संस्कार के दौरान जब परिजन नौ माह के बेटे माधव को गोद में लेकर मुखाग्नि देने के लिए आगे बढ़े तो वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। महिलाएं बिलख पड़ीं। हर शख्स के मुंह से यही बात निकली कि मासूम माधव को क्या पता कि उसके पिता अब इस दुनिया में नहीं है।
 
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