सेना में फर्जी दस्तावेजों से भर्ती कराने का झांसा देकर ठगने वाले गैंग के सरगना राकेश चौधरी ने अभ्यर्थियों को फंसाने के लिए एजेंट लगाए थे। पुलिस को उसके दो सहयोगियों राहुल पांडेय और सूर्यकांत के नाम मिले हैं। इनकी तलाश की जा रही है। इनके अलावा दस और एजेंटों की जानकारी मिली है।
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आरोपी के बारे में जानकारी देते एसएसपी
- फोटो : अमर उजाला
यह गिरोह सात साल से फर्जीवाड़ा कर रहा था। 200 युवकों को ठग चुका है। गिरोह ने दस करोड़ की संपत्ति बनाई। गैंग का सरगना गांव बुढ़ेरा का राकेश चौधरी है। उसकी मां ग्राम प्रधान हैं। राकेश पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। उसकी सोमवार को गिरफ्तारी होने के बाद ही पुलिस को कई जानकारी मिली हैं। एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि गिरोह के सभी फरार सदस्यों की तलाश की जा रही है।
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आरोपी के बारे में जानकारी देते एसएसपी
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सरगना ने जेल जाने से पहले हुई पूछताछ में बताया है कि गिरोह के एजेंट मथुरा, मैनपुरी, एटा, फिरोजाबाद में भी सक्रिय हैं। सेना में कोई भर्ती निकलते ही ये उन युवाओं से संपर्क करना शुरू कर देते थे जो सेना में जाने के लिए तैयारी कर रहे होते थे।
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जानकारी देते एसएसपी बबलू कुमार
- फोटो : अमर उजाला
इन्हें भर्ती कराने का झांसा देते थे। जिन युवकों की भर्ती की उम्र निकल चुकी होती थी, उनका फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाते थे। इसी तरह अन्य दस्तावेज भर्ती तैयार करते थे।
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि गिरोह के सदस्यों की संपत्ति का पता चला है। यह मालूम किया जा रहा है कि इन्होंने अपराध से कितनी संपत्ति अर्जित की है और वह कहां है? इस गिरोह पर गैंगस्टर एक्ट लगाया जाएगा। इनकी संपत्ति जब्त कराई जाएगी।