महिला थाने की एसएचओ अलका सिंह
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डाक विभाग छोड़कर पुलिस में आई
अलका सिंह महिला थाने की एसएचओ हैं। वो मूलरूप से संभल, मुरादाबाद की रहने वाली हैं। उन्होंने बताया कि पिता उत्तराखंड के चमौली जिले में पीडब्ल्यूडी में नौकरी करते थे। शिक्षा वहीं पाई। वो उड़ान सीरियल देखते थे। इसमें आईपीएस किरण बेदी की कहानी को दिखाया गया था। उस समय मैं डाक विभाग में नौकरी कर रही थी।
पिता ने कहा कि बेटा नौकरी तो पुलिस की है, मेरा सपना है तू पुलिस ऑफिसर बने। मैंने तैयारी शुरू कर दी। रिश्तेदार कहते कि अच्छीभली नौकरी है, क्यों और किसी चक्कर में पड़ती है लेकिन पापा का सपना पूरा करना था। 1991 में पुलिस में नौकरी निकली। जिले में पहली महिला थी जिसने पुलिस की परीक्षा पास की। 1996 में इंटरव्यू और वर्ष 1998 में भर्ती हुई।
परिवार मेडिकल टेस्ट पर ले जाने को नहीं था तैयार
अलका सिंह ने बताया कि पिता की मौत के एक साल बाद नियुक्ति पत्र आया। उनकी अंतिम इच्छा समझकर पुलिस की नौकरी कर ली लेकिन परिवार में कोई इस नौकरी को सही नहीं मान रहा था। परिजन मेडिकल परीक्षण में ले जाने के लिए भी तैयार नहीं थे। बाद में किसी तरह उन्हें समझाया। मैं उस इलाके से थी, जहां से लड़कियां काफी कम बाहर पढ़ने और नौकरी के लिए जाती थीं। विभाग में आने पर काम करने में दिक्कत आती थी। डर लगता था कि कैसे बाहर निकल पाएंगे। देर रात तक ड्यूटी कैसे देंगे। मगर, चुनौतियों का सामना करते हुए सब सीख लिया। कई थानों में प्रभारी बनकर रही हूं।