यूपी बोर्ड के विद्यार्थियों के अभिभावकों का कहना है कि बारिश के इस मौसम में बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता बहुत कम हो जाती है। ऐसे में स्कूल गए तो संक्रमण का खतरा रहेगा, इसलिए फिलहाल पढ़ाई ऑनलाइन कराई जाए। विशेषज्ञ बता रहे हैं कि अगस्त में संक्रमण की दर कम हो सकती है, उस समय स्कूल खोले जाने पर विचार किया जाना चाहिए।
संक्रमण बढ़ रहा, स्कूल खोलना ठीक नहीं
खंदारी की रहने वाली श्वेता सारस्वत ने कहा कि बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता कम हो रही है। कोरोना का संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। मौतें भी हो रही हैं। डराने वाली खबरें आ रही हैं। ऐसे में जुलाई में स्कूल खोलना ठीक नहीं होगा। संक्रमण पर नियंत्रण पाने के बाद ही स्कूलों को खोले जाने का विचार करना चाहिए।
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उपमा अग्रवाल, डॉ. पुनीत पाराशर
- फोटो : अमर उजाला
विद्यालयों में पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं
सिविल लाइंस निवासी उपमा अग्रवाल ने कहा कि जिले के तमाम मान्यता प्राप्त, सहायता प्राप्त और राजकीय विद्यालयों में साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं का अभाव है। ऐसे में स्कूलों को कोरोना संक्रमण के दौरान खोलना ठीक नहीं है। स्कूलों को खोलने पर बच्चों में संक्रमण का खतरा बढ़ जाएगा।
स्थिति सामान्य होने तक ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाया जाए
मधु नगर के डॉ पुनीत पाराशर ने कहा कि ऐसी परिस्थिति नहीं है कि स्कूल खोलकर उसमें छह से सात घंटे तक विद्यार्थियों को रोका जाए। यह बच्चों के लिए खतरनाक होगा। स्थिति सामान्य होने तक ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई कराना चाहिए। बाद में सुरक्षा उपायों के साथ विद्यालय खोले जाएं।
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रियंका सिंह, राम माहेश्वरी
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छोटे बच्चे सामाजिक दूरी का पालन नहीं कर पाएंगे
दयालबाग की मंगलम एस्टेट कॉलोनी की रियंका सिंह ने कहा कि यदि 15 दिनों तक जिले में कोरोना का कोई मामला सामने न आए तभी स्कूल खोले जाने का निर्णय लेना चाहिए। इन हालातों में स्कूल खोलना ठीक नहीं रहेगा। छोटे बच्चे सामाजिक दूरी का पालन नहीं कर पाएंगे। ऑनलाइन माध्यम से ही पढ़ाई ठीक है।
स्कूल खोलने में जल्दबाजी नहीं करना चाहिए
विजय नगर कॉलोनी के राम माहेश्वरी ने कहा कि यह समय सब्र रखने और घर से बाहर निकलने से बचने का है। तभी हम कोरोना महामारी से जीत पाएंगे। इसलिए स्कूल खोलने में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। कोरोना का संकट खत्म होने तक ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई ही सबसे अच्छा रास्ता है।
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उमेश अग्रवाल, पुष्पा यादव
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जुलाई में विद्यालय खुलना विद्यार्थियों के हित में नहीं
उमेश अग्रवाल ने कहा कि कोरोना महामारी की भयावह स्थिति को देखते हुए जुलाई में तो स्कूल कतई नहीं खोले जाने चाहिए। इन परिस्थितियों में स्कूलों का खुलना विद्यार्थियों के हित में नहीं होगा। ऑनलाइन व फोन के माध्यम से उनका मार्गदर्शन किया जाना चाहिए।
खतरा टालने तक स्कूल न खोला जाए
बालूगंज की पुष्पा यादव ने कहा कि कोरोना संक्रमण का खतरा टलने और इसकी प्रभावी दवा या वैक्सीन मिलने तक स्कूलों को खोला न जाए। बच्चों का जीवन अधिक महत्वपूर्ण है। संक्रमण समाप्त होने तक ऑनलाइन और टीवी चैनलों के माध्यम से ही विद्यार्थियों को पढ़ाना उचित होगा।
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अभिभावक माया सिंह, श्वेता सारस्वत
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बच्चे नियमों का पालन नहीं कर पाएंगे
दयालबाग की माया सिंह ने कहा कि कोरोना महामारी के बीच स्कूल खोला जाता है तो बच्चे संक्रमण से बचने के लिए नियमों का पालन नहीं कर पाएंगे। इससे उनमें संक्रमण बढ़ने का खतरा रहेगा। इसलिए अभी ऑनलाइन से ही पढ़ाया कराया जाना उचित निर्णय होगा।
15 जुलाई तक स्थिति देखकर निर्णय लेने का प्रस्ताव
जिला विद्यालय निरीक्षक रवींद्र सिंह का कहना है कि प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा निदेशक की ओर से आयोजित वेबिनार में प्रदेश के सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक व जिला विद्यालय निरीक्षकों की ओर से प्रस्ताव दिया गया है कि 15 जुलाई तक कोरोना संक्रमण की स्थिति देखने के बाद ही स्कूल खोलने का निर्णय लिया जाए। स्कूल खुलने तक विद्यार्थियों को घर में रहकर व्यायाम, योग व ध्यान जरूर करते रहना चाहिए। प्रबंधक परिषद की ओर से स्कूल खोलने का प्रस्ताव दिया गया है, उसे शासन को भेज दिया गया है।
903 विद्यालय हैं जिले में यूपी बोर्ड से मान्यता प्राप्त 2.8 लाख के करीब विद्यार्थी पंजीकृत हैं कक्षा छह से 12 तक
- ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई कराई जा रही है। सभी विद्यार्थी नहीं लाभान्वित नहीं हो रहे।
- कक्षा 10 व 12 के विद्यार्थियों की ही ऑनलाइन पढ़ाई पर अभी तक जोर दिया गया।
- स्कूल बंद होने से विद्यार्थियों की शारीरिक गतिविधियां नहीं हो पा रही हैं।