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Police Ki Pathshala: एसीपी छत्ता डॉ. सुकन्या शर्मा बोलीं- गलत स्पर्श को समझें, खुलकर बोलें

Sat, 17 Dec 2022 03:05 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
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ACP सुकन्या शर्मा - फोटो : अमर उजाला
आगरा के छलेसर स्थित आगरा वनस्थली विद्यालय में शुक्रवार को अमर उजाला फाउंडेशन ने पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया। इसमें एसीपी छत्ता डॉ. सुकन्या शर्मा और एसीपी यातायात सैय्यद अरीब अहमद ने विद्यार्थियों के सवालों के जवाब सरल तरीके से दिए। एसीपी डॉ. सुकन्या ने छात्राओं से कहा कि गलत स्पर्श को समझें और खुलकर बोलें।

छात्राओं ने पूछा कि मुसीबत में फंसने पर पुलिस की सहायता कैसे लें? मोबाइल नहीं हो तो क्या करें? इस पर अधिकारियों ने मोबाइल होने पर 112 नंबर मिलाकर कॉल करें, कुछ ही मिनट में पुलिस पहुंच जाएगी। अगर, मोबाइल नहीं है तो जोर से चिल्लाएं। भागने की कोशिश करें। अपने पास मिर्ची स्प्रे रखें। इसकी मदद से बच निकलें। पुलिस के दिखते ही मदद लें। इससे पहले पुलिस की पाठशाला का शुभारंभ विद्यालय के अध्यक्ष वीके मित्तल व निदेशक मनीष मित्तल ने अतिथियों का स्वागत कर किया। पाठशाला में आत्मरक्षा, छेड़छाड़ से बचने के तरीके, साइबर अपराध, महिला सुरक्षा, हेल्प लाइन नंबरों की जानकारी दी गई।
 
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एसीपी यातायात सैय्यद अरीब अहमद - फोटो : अमर उजाला

ये दी जानकारी

- मोबाइल के लॉक होने पर तीन बार ऑन-ऑफ बटन दबाने से बिना डायलिंग के ही 112 नंबर पर स्वत: कॉल लग जाती है। इसके लिए मोबाइल का लॉक खोलने की जरूरत नहीं है।
- फोन करके कोई परेशान करता है तो 1090 मिलाएं। पुलिस आपकी जानकारी गोपनीय रखेगी। आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- छेड़छाड़ होने, किसी के पीछा करने पर विद्यालय शिक्षक को बताएं। माता-पिता, अभिभावक को जानकारी दें। पुलिस से भी मदद लें। चुप न रहें।
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Police Ki Pathshala - फोटो : अमर उजाला
- दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट, चार पहिया चलाते समय सीट बेल्ट का प्रयोग करें। वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात नहीं करें। 
- ऑटो में बैठें तो उसका नंबर नोट कर लें। फोन पर भी परिजन को बता दें। अगर, बैलेंस नहीं है तो भी बात करते हुए ऐसा दर्शाएं कि ऑटो का नंबर परिजन को बता दिया है।
- डायलिंग में रखें पुलिस के नंबर। जरूरत पड़ने पर मिला दें। 
- गलत और सही स्पर्श को समझें। कोई घूरता है या फिर पीछा करता है तो भी शिकायत जरूर करें। 
 

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पुलिस की पाठशाला - फोटो : अमर उजाला
112: तत्काल पुलिस की सहायता के लिए डायल करें।
1090: महिला हेल्प लाइन
1930: साइबर क्राइम संबंधित शिकायतों के लिए मदद लें।
 
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पुलिस की पाठशाला - फोटो : अमर उजाला

ये किए सवाल-जवाब


- सवाल: फोन पर कोई परेशान करें तो क्या करें। ( श्रेया आदित्य)
जवाब: ऐसे फोन नंबर को तत्काल ब्लॉक करें, फिर किसी दूसरे नंबर से परेशान करे तो 1090 नंबर पर पुलिस को सूचना दें। आपकी जानकारी गोपनीय रखी जाएगी।

- सवाल: सड़क पर फब्तियां कसने और पीछा करने पर क्या करें। (शिप्रा कुमारी)
जवाब: घड़ी में समय और स्थान देखकर नोट करें। आगे किसी भी पुलिसकर्मी के दिखने पर शिकायत करें। समय और स्थान का पता होने से सीसीटीवी कैमरे से शोहदे को चिह्नित करने में आसानी होगी।  

- सवाल: ऑटो में छेड़छाड़ बढ़ गए हैं। ऐसे में क्या करें। (काजल सिंह)
जवाब: ऑटो-टैक्सी में बैठने से पहले नंबर जरूर नोट कर लें। किसी अनहोनी की आशंका है तो फोन पर परिजन को इसकी लोकेशन और नंबर जरूर बता दें। इससे कोई हिम्मत नहीं करेगा।

सवाल: कोई छेड़छाड़ या हमला करे तो बचाव कैसे करें। (सलोनी गौतम)
जवाब: बैग-पर्स में मिर्च स्प्रे रखें। सेल्फ डिफेंस का प्रशिक्षण ले सकती हैं। पुलिस से शिकायत जरूर करें।
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