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Amar Ujala Foundation: पुलिस की पाठशाला में शिक्षक बने एसएसपी, विद्यार्थियों को दी सुरक्षा और करियर की सीख

Wed, 25 May 2022 04:19 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
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विद्यार्थियों को सीख देते एसएसपी सुधीर कुमार सिंह - फोटो : अमर उजाला
कोई पीछा करे, गलत इशारे या फिर घर में ताकाझांकी करे। सोशल मीडिया पर आपकी फोटो लगाकर फर्जी आईडी बनाकर ब्लैकमेल करे। खाते से रकम निकल जाए या फिर रास्ते में घर जाने पर दिक्कत हो तो पुलिस से शिकायत करें। महिला हेल्प लाइन 1090, पुलिस कंट्रोल रूम 112, साइबर हेल्प लाइन 1930 पर कॉल करने पर 24 घंटे पुलिस मदद करेगी।

बुधवार को आगरा की आवास विकास कॉलोनी स्थित शिवालिक कैंब्रिज स्कूल में एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने शिक्षक की तरह विद्यार्थियों को साइबर अपराध से बचने, महिला उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराने, सुरक्षित तरीके से वाहन चलाने और अपने लक्ष्य निर्धारण करने की सीख दी। उन्होंने कहा कि बदलते दौर में जितना जागरूक रहेंगे, उतना सुरक्षित रहेंगे। पुलिस लोगों की सहायता के लिए 24 घंटे तत्पर है। इसलिए डरें नहीं, चुप्पी तोड़ें, खुलकर बोलें। किसी तरह के अपराध पर अपने मां-बाप और शिक्षक को बताएं। पुलिस के पास आकर शिकायत करें। एसएसपी ने हेल्पलाइन नंबर से लेकर महिला हेल्प डेस्क की जानकारी बडे़ ही सरल अंदाज में दी।
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दीप प्रज्वलित करते एसएसपी सुधीर कुमार सिंह - फोटो : अमर उजाला
कार्यक्रम में स्कूल के चेयरमैन एसएस यादव ने मुख्य अतिथि एसएसपी सुधीर कुमार सिंह को बुके भेंट किया। इसके बाद मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। छात्र-छात्राओं ने सरस्वती वंदना की। चेयरमैन एसएस यादव ने अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला के माध्यम से बच्चों को अपना भविष्य संवारने की सीख दी।

1090 और 112 पर करें कॉल

एसएसपी ने बताया कि छात्राओें से कहा कि किसी तरह की शिकायत के लिए 1090 पर कॉल करें। महिला अधिकारी शिकायत सुनेंगी। बिना कहीं जाएं और लिखित शिकायत के समस्या का समाधान होगा। नाम भी गुप्त रखा जाएगा। तत्काल मदद के लिए 112 पर काल करें। पीआरवी पांच से दस मिनट में आपके पास पहुंचेगी। महिलाओं और बच्चियों को घर तक पहुंचाने के लिए पीआरवी पर महिला पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। इसमें अलग पीआरवी दिन और रात के लिए बनाई गई है।
 
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एसएसपी सुधीर कुमार सिंह - फोटो : अमर उजाला

पीछा करना, गलत इशारा, घूरना भी अपराध

एसएसपी ने कहा कि किसी महिला और बच्ची का पीछा करना, घूरना, शरीर के किसी अंग से गलत इशारा, घर और बाथरूम में ताकाझांकी करना भी अपराध है। शिकायत करने पर मुकदमा दर्ज होगा। आरोपी को जेल भेजा जाएगा। कई बार लड़कियों और महिलाओं पर तेजाब फेंकने की घटना हो जाती है। इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कानून बनाया गया है। इसमें सख्त सजा का प्रावधान भी है। रानी लक्ष्मीबाई कोष बनाया गया है। इसमें सरकार की तरफ से पीड़िता का इलाज कराया जाता है।


 

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पुलिस की पाठशाला में छात्र-छात्राएं - फोटो : अमर उजाला

साइबर अपराध और निदान

  • सोशल मीडिया अकाउंट के प्रोफाइल को लॉक करके रखें। इसमें टू स्टेप वैरिफिकेशन का विकल्प चालू रखें। अगर, ऐसा नहीं होगा तो फोटो और मोबाइल नंबर चोरी हो सकता है। कोई आपको ब्लैकमेल कर सकता है। बदनाम भी कर सकता है।
  • अपने आईडी-पासवर्ड किसी को नहीं बताएं। साइबर अपराधी फर्जी नाम से आईडी बनाते हैं। फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर चैटिंग करने  लगते हैं। विश्वास में लेकर वीडियो बना लेते हैं। तब ब्लैकमेल करके शिकार बनाते हैं। सोशल मीडिया का प्रयोग अपनी जानकारी बढ़ाने के लिए करना चाहिए।
  • व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम या फिर किसी सोशल मीडिया अकाउंट पर आने वाले मैसेज को बिना पढ़े आगे फारवर्ड नहीं करना चाहिए। विवादित पोस्ट को आगे फारवर्ड करने पर भी पुलिस पूछताछ कर सकती है। फारवर्ड करने वाला भी दोषी माना जाएगा।
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एसएसपी सुधीर कुमार सिंह - फोटो : अमर उजाला

एटीएम से रुपये निकालते समय सावधानी बरतें। किसी अंजान व्यक्ति की मदद नहीं लें। उसे डेबिट कार्ड नहीं दें। पिन नहीं बताएं। अगर आपने डेबिट कार्ड देकर उसे पिन बता दिया तो वो आपके खाते से रकम निकाल सकता है। एटीएम में कार्ड लगाने वाली जगह पर देखें कि कोई डिवाइस अलग से तो नहीं लगी है। पिन नंबर अपनी जन्मतिथि पर नहीं होना चाहिए। कई बार अपराधी सामान्य नंबर डालकर भी चेक करते रहते हैं। पिन को बदलते रहना चाहिए।

मोबाइल पर अंजान नंबर से लिंक आते हैं। इनाम के झांसे में नहीं आएं। लिंक पर क्लिक करने पर जानकारी नहीं भरनी चाहिए। जन्मतिथि और मोबाइल नंबर देने से धोखाधड़ी का शिकार हो सकते हैं। सिम लेते समय भी सावधान रहें। धोखाधड़ी करने वाला एक ही आईडी पर दो सिम जारी करा सकता है। इसलिए सावधान रहने की जरूरत है।
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पुलिस की पाठशाला - फोटो : अमर उजाला

हेलमेट पहनें, सीट बेल्ट का प्रयोग करें

एसएसपी ने बताया कि पिछले दो साल में हादसों में 21 हजार से अधिक मौत हुईं, जबकि कोरोना में मौतों की संख्या कम थीं। ऐसे में बीमारियों के साथ हादसों को भी गंभीरता से लेने की जरूरत है। ध्यान रखें कि दो पहिया वाहन चलाते समय आईएसआई मार्क के हेलमेट का प्रयोग करें। क्योंकि हादसा होने पर शरीर का कोई भी अंग जुड़ सकता है, लेकिन सिर में चोट लगने से मौत हो सकती है। चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट जरूर पहनें। बेल्ट लगी होने पर ही आगे की तरफ नहीं गिरेंगे। एयर बैग भी खुलने से जान बच सकती है।

छोटी सी समस्या पर विचलित नहीं हों

एसएसपी ने विद्यार्थियों के करियर पर भी बात की। उन्होंने कहा कि अपना लक्ष्य निर्धारित करें। जिस विषय में आपकी रुचि है, उस पर ध्यान केंद्रित करके आगे बढ़ना चाहिए। अलग-अलग करियर पर अपना ध्यान नहीं भटकाएं। छोटी समस्या पर विचलित नहीं होना चाहिए। अपने मां-बाप और शिक्षक से सलाह ले सकते हैं। दूसरी चीजों को बोझ की तरह नहीं लेना चाहिए। इससे असफलता हाथ लगेगी।
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सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करतीं छात्राएं - फोटो : अमर उजाला

विद्यार्थियों को कराएंगे थानों का भ्रमण

एसएसपी ने कहा कि पुलिस को जानने के लिए थाने जाकर देखना चाहिए। इसके लिए वो स्कूलों को पत्र लिखेंगे। इससे बच्चों को पता चलेगा कि पुलिस किन परिस्थिति में कार्य करती है। पुलिस 24 घंटे लोगों की मदद के लिए तत्पर रहती है। इसलिए अपने क्षेत्र के थानों को जानना जरूरी है।

महिला थानाध्यक्ष और साइबर एक्सपर्ट की टीम ने दी जानकारी

पुलिस की पाठशाला में महिला थानाध्यक्ष इतुल चौधरी ने बताया कि लड़कियों और महिलाओं को किसी तरह का अपराध होने पर पुलिस तक अपनी बात पहुंचानी होगी। इसके लिए फिर चाहें माध्यम कोई भी क्यों न हों। साइबर सेल के एक्सपर्ट विजय तोमर ने साइबर अपराध होने पर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत के बारे में बताया। इस दौरान थाना जगदीशपुरा के प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र शंकर पांडेय, पीआरओ सुमनेश विकल सहित अन्य पुलिस कर्मी और अधिकारी मौजूद रहे।

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