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तस्वीरें: सांस लेने लायक तक नहीं है ताजनगरी की हवा, वातावरण हो रहा 'जहरीला'

Sun, 11 Nov 2018 04:12 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
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ताजमहल - फोटो : अमर उजाला
ताजनगरी की हवा में 13 अक्तूबर से लगातार जहर घुल रहा है। हवा की गुणवत्ता बेहद खराब और अति गंभीर से होते हुए खतरनाक तक पहुंच गई है। इस एक महीने में एक भी दिन ऐसा नहीं रहा, जब हवा की गुणवत्ता ऐसी हो कि लोग स्वच्छ हवा में सांस ले सकें। शनिवार को देश का आठवां सबसे प्रदूषित शहर आगरा रहा। शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 386 रहा, जो बहुत खराब है। 
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आगरा में सुबह छाई धुंध
अफसरों ने कागज पर इमरजेंसी जैसे हालात से निपटने के लिए एक्शन प्लान तो बनाया, लेकिन इस पर अमल नहीं किया। दिल्ली में जहां ट्रकों के प्रवेश पर तीन दिन पाबंदी रही, वहीं आगरा में अफसरों को अपनी जिम्मेदारी ही नहीं पता, जबकि डीएम की अध्यक्षता में इसके लिए बाकायदा कमेटी बनी हुई है। 
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मुंह पर मास्क लगाए पर्यटक - फोटो : अमर उजाला
भारी प्रदूषण और स्मॉग से बचाव के लिए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने आगरा समेत पांच शहरों में एयर एक्शन प्लान बनाया था, जिसमें प्रदूषण स्तर बढ़ने के साथ ही सभी सरकारी विभागों की जिम्मेदारी तय की गई है। इसमें स्कूलों को बंद करने, ट्रकों का शहर में प्रवेश रोकने, निर्माण सामग्री जब्त करने, पानी का छिड़काव करने जैसे कदम उठाने थे, लेकिन खतरनाक हुई हवा को सुधारने के लिए जिम्मेदार अफसर कोई कदम नहीं उठा रहे। 

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ताजमहल पर छाई धुंध - फोटो : अमर उजाला
अक्तूबर में सबसे खराब गुणवत्ता 30 अक्तूबर को 377 रही जबकि नवंबर में 9 नवंबर को 411 तक सूचकांक पहुंचा है। अति गंभीर स्थिति महीने में 14 दिन रही है। एक भी दिन ऐसा नहीं रहा, जब आगरा की वायु गुणवत्ता 100 से नीचे रही हो। बीते साल नवंबर माह में एक भी दिन ऐसा नहीं रहा, जब आगरा की हवा की गुणवत्ता खतरनाक न रही हो। 
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वाहन से निकलता धुआं - फोटो : अमर उजाला
संभागीय परिवहन अधिकारी डीके सिंह का कहना है कि आरटीओ प्रवर्तन दल प्रदूषण यंत्रों से लैस गाड़ी से चेकिंग करते हैं। टोल प्लाजा पर चेकिंग बढ़ाई गई है। जुगाड़, लोडिंग टेंपो जैसी गाड़ियां भी काफी संख्या में पकड़ी गई हैं। भारी वाहनों के चालकों को सलाह दी जाती है कि वह सुबह पांच से सात बजे के बीच गाड़ी नहीं चलाएं। 
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