आगरा में थाना एत्माद्दौला के नगला किशनलाल में 30 अगस्त की रात को हुए दुकानदार रामवीर, उनकी पत्नी मीरा और बेटे बबलू की हत्या के मामले में केस के वादी भूरी सिंह का भाई रनवीर सिंह (40) दो दिन से लापता हैं। वह सब्जी लेने खंदौली गए थे। इसके बाद से घर नहीं लौटे हैं। सूचना पर पुलिस ने तलाश की, लेकिन पता नहीं चल सका। इस मामले में अपहरण का नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया है।
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आगरा ट्रिपल मर्डर: रामवीर, पत्नी मारी और बेटा बबलू (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
नगला किशनलाल में 30 अगस्त की रात को रामवीर (57) उनकी पत्नी मीरा (55) और बेटा बबलू (23) की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद शवों को जलाने का प्रयास हुआ था। इस मामले में रामवीर के भाई भूरी सिंह ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने पड़ोस में ही रहने वाले सुभाष और वकील को जेल भेज था। सुभाष के भाई गजेंद्र को दूसरे दिन गिरफ्तार किया था।
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तिहरे हत्याकांड के आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने बताया था कि बबलू और सुभाष दोस्त थे। लॉकडाउन से पहले सुभाष से रामवीर ने अपने गिरवी प्लाट को छुड़ाने के लिए तीन लाख रुपये ब्याज पर लिए थे। रुपये वापस न देने पर हत्याकांड को अंजाम दिया। इस मामले में सुभाष की मां, पिता और एक अन्य भाई को भी जेल भेजा गया है।
आरोपियों पर चार्जशीट भी तैयार की जा चुकी है। वादी भूरी सिंह का भाई रनवीर सिंह सब्जी बेचते हैं। परिजनों ने पुलिस को बताया कि वह 13 अक्तूबर की सुबह पांच बजे सब्जी लेने खंदौली गए थे। इसके बाद से लौटे नहीं। उनके पास मोबाइल भी नहीं था। काफी तलाशने पर भी उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी। इससे परिजन चिंतित हैं। परिवार पर लगातार समझौते का दबाव है। ऐसे में एक भाई के लापता होने से अपहरण की आशंका जताई। रनवीर के भाई चंद्रभान ने बताया कि अनहोनी की आशंका है।
मोहल्ले से भी बाहर जाने का फुटेज नहीं मिला
शक के आधार पर पूर्व फौजी नर सिंह पाल के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच की जा रही है। खंदौली तक सीसीटीवी फुटेज चेक किए जा चुके हैं। कहीं भी वह नहीं दिखा। मोहल्ले से भी बाहर आने के फुटेज नहीं मिले हैं। वहीं नामजद किए गए नर सिंह पाल से भी विवाद था। विनोद कुमार, थाना प्रभारी, एत्मादौला