ताजमहल में मुगल शहंशाह शाहजहां का 363वां उर्स गुस्ल की रस्म के साथ शुरू हो गया। शुक्रवार को दोपहर दो बजे शाहजहां मुमताज की असली कब्रों वाला भूमिगत कक्ष खोला गया। यह रविवार तक खुला रहेगा और सभी धार्मिक रस्में असली कब्रों पर ही की जाएंगी।
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शाहजहां का उर्स
- फोटो : अमर उजाला
शनिवार को दोपहर दो बजे से और रविवार को पूरे दिन विदेशी और भारतीय पर्यटक उर्स के दौरान मुफ्त प्रवेश कर सकेंगे। शाहजहां के 363वें उर्स के पहले दिन दोपहर में गुस्ल की रस्म की गई। एएसआई अधिकारियों के साथ आयोजन समिति के सदस्यों ने अजान के बाद गुस्ल से उर्स की शुरुआत की।
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शाहजहां का उर्स
- फोटो : अमर उजाला
भूमिगत कक्ष में सभी सदस्यों ने असली कब्रों पर फातिहा पढ़ा। उर्स में कथित मुगल वंशल प्रिंस तूसी भी पहुंचे। शुक्रवार को यूं तो ताज केवल नमाज के लिए खुलता है, लेकिन उर्स की पुरानी परंपरा के कारण यह दोपहर दो घंटे नमाज के लिए खुला और उसके बाद दोपहर दो बजे से शाम तक आम पर्यटकों, जायरीन के लिए खुला रहा।
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शाहजहां का उर्स
- फोटो : अमर उजाला
शनिवार को दोपहर दो बजे संदल चढ़ेगा और मिलाद-उन-नबी पढ़ा जाएगा। रविवार को सुबह कुलशरीफ और कुरानख्वानी होगी। इसके बाद दिन भर चादरपोशी व पंखे चढ़ाने का सिलसिला चलेगा। तीनों दिन ताज में कव्वालियां गूंजेंगी। शनिवार और रविवार को छुट्टी के साथ ताजमहल में उर्स भी है।
प्रवेश निशुल्क होने के कारण ताज पर स्थानीय लोगों और असली कब्रें देखने वालों की भीड़ रहेगी। ऐसे में ताज में भीड़ संभालना चुनौती रहेगी। वीकएंड पर ताज पर 50 हजार से ज्यादा सैलानी प्रतिदिन पहुंचते हैं। इस बार उर्स के कारण आखिरी दो दिनों में दो लाख सैलानी ताज में पहुंच सकते हैं।