आगरा के थाना सिकंदरा क्षेत्र की रंगोली कॉलोनी निवासी छात्र जितेंद्र शर्मा का शव 23 अगस्त को दिल्ली में रेलवे लाइन पर मिला था। वह 22 अगस्त को घर से लापता हुआ था। परिजन उसकी तलाश में लगे थे। उधर, शिनाख्त नहीं होने पर दिल्ली ने लावारिस में उसका अंतिम संस्कार कर दिया। परिवार को उसकी मौत की जानकारी 28 अक्तूबर को हुई, जब दिल्ली पुलिस की ओर से जारी मृतक का फोटो इंटरनेट पर देखा। परिजन हत्या की आशंका जाहिर कर रहे हैं। सोमवार को मृतक के भाई चंद्रकांत विवेचक के साथ दिल्ली पुलिस से मिले। जितेंद्र के पोस्टमार्टम की रिपोर्ट ली। दिल्ली पुलिस ने उनसे कहा कि जितेंद्र का विसरा सुरक्षित रखा है। विधि विज्ञान प्रयोगशाला में उसकी जांच कराई जाएगी। इससे ही मौत का राज खुलेगा।
रंगोली कॉलोनी निवासी देवदत्त शर्मा बीएसएनएल से सेवानिवृत्त हुए हैं। उनका 20 वर्षीय बेटा जितेंद्र बीए का छात्र था। जितेंद्र 22 अगस्त को लापता हुआ था। उन्होंने उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
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छात्र जितेंद्र शर्मा का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
अगले ही दिन 23 अगस्त को दिल्ली में रेलवे लाइन पर जितेंद्र का शव मिला था। परिवार को इस बात की जानकारी दो महीने बाद हुई। पिता ने आरोप लगाया था कि बेटे के पास ढाई लाख रुपये खाते में थे, जिसे किसी ने ऑनलाइन ट्रांसफर कराया। इसके साथ ही वो जेवरात लेकर गया था।
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छात्र जितेंद्र के पिता देवदत्त शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
पिता का आरोप है कि साजिश के तहत उनके बेटे की हत्या की गई है। उन्होंने विवेचक पर लापरवाही का आरोप लगाया था। वहीं जब जितेंद्र की मौत होने की जानकारी मिली है, तब से उसकी मां को रो-रोकर बुरा हाल है।
राजामंडी स्टेशन के बाहर जितेंद्र (सीसीटीवी फुटेज)
- फोटो : अमर उजाला
मृतक के भाई चंद्रकांत शर्मा ने बताया कि दिल्ली पुलिस के विवेचक ने उन्हें पोस्टमार्टम रिपोर्ट दी है। इसे पुलिस देख रही है। उसका विसरा सुरक्षित है। जिस रेलवे लाइन पर जितेंद्र का शव मिला था, वहां से कम ही ट्रेन गुजरती हैं। इस संबंध में परिजन ने जांच की मांग की है।